घायल इरशाद को दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी कटीब तीन घंटे तक सर्जरी की गई। डॉक्टरों ने शरीर और चेहरे में लगे छर्रेनुमा घावों का उपचार किया। ताजा जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन के वाद उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है. हालांकि वह अभी भी डॉक्टरों की निगरानी में है। इरशाद के परिजनों का आरोप है कि उसके शरीर में पैलेट जैसी चोटें लगी थीं। ऑपरेशन के दौरान कई पेलेट निकाले गए, जबकि गर्दन के पास फसा एक पेलेट जोखिम के कारण नहीं निकाला जा सका। कुछ रिपोटों में उसकी आख को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने पेलेट गन के इंटतेमाल के सभी आरोपों से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि संटाद मार्च के दौरान पेलेट गन का उपयोग नहीं किया गया और इस संबंध में प्रसारित हो रही जानकारी भ्रामक है। पुलिस का यह भी कहता है कि घोटों के कारणों की पुष्टि करने वाली कोर्ड आधिकारिक चिकित्सकीय रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। पाटन के बाजार मोहल्ला निवासी इरशाद के घायल होने की खबर से क्षेत्र में चिंता का माहौल है। परिजन लगातार दिल्ली में मौजूद डॉक्टरों के संपर्क में है। परिजनों द्वारा इरशाद के स्वस्थ्य होने की प्रार्थना कर रहे है।
जबलपुर। जबलपुर के पाटन स्थित बाजार में रहने वाला छात्र इरशाद दिल्ली में संसद मार्च के दौरान घायल हो गया। घायल इरशाद को दिल्ली के अस्पताल में ही भरती कराया गया है। घटना के बाद से उसका परिवार और क्षेत्र के लोग चिंतित हैं। परिजनों के अनुसार, इरशाद अपने दोस्तों के साथ प्रदर्शन देखने गया था। इसी दौरान अचानक हुई हिंसा और भगदड़ की चपेट में आकर वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
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