
जबलपुर. शहर के शीतला माई वार्ड में सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी है। कर्मचारी अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर संत रविदास भवन के सामने धरने पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि शासन द्वारा निर्धारित मानदेय के बजाय उन्हें मात्र 5 से 6 हजार रुपए का मासिक वेतन दिया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों की मुख्य शिकायत ठेकेदारों द्वारा कथित शोषण और नगर निगम की अनदेखी से है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्हें न तो समय पर वेतन मिलता है और न ही साप्ताहिक अवकाश दिया जाता है। इसके अतिरिक्त, भविष्य निधि (पीएफ) जमा करने में भी अनियमितता बरती जा रही है। नियमानुसार 2,700 रुपए पीएफ जमा होना चाहिए, लेकिन कई कर्मचारियों के खाते में केवल 1,100 रुपए ही जमा किए जा रहे हैं।
इस आंदोलन को अब राजनीतिक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का समर्थन भी मिल रहा है। कांग्रेस नेता कल्लन गुप्ता ने धरना स्थल पर पहुंचकर नगर निगम प्रशासन, कमिश्नर और महापौर पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कर्मचारियों के बीच जाने वाले महापौर आज उनके शोषण पर मौन हैं। गुप्ता ने जोर देकर कहा कि ठेकेदारों की मनमानी रोकना और कर्मचारियों को न्याय दिलाना निगमायुक्त और महापौर की जिम्मेदारी है।
शीतला माई वार्ड से शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब पूरे जबलपुर शहर में फैलने की आशंका है। जनप्रतिनिधियों और कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि इस शोषण पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो शहर के सभी 79 वार्डों में जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी बड़े आंदोलन के लिए नगर निगम प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा।