निगमायुक्त की मैराथन बैठक, समस्याओं के समाधान का खाका तैयार
जबलपुर। विकास और जनसेवा की रफ्तार तेज करने के लिए निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने अधिकारियों के साथ अहम समीक्षा बैठक की। आज सुबह 10 बजे आयोजित इस बैठक में जल संरक्षण, अमृत 2.0 योजना के कार्य, सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतें और विधानसभा के आगामी प्रश्नों के जवाब तैयार करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई। निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकारी योजनाओं का लाभ हर हाल में नागरिकों तक पहुंचना चाहिए। जल संरक्षण के लिए कैच द रेन अभियान को प्राथमिकता देने के साथ ही नगरीय उद्यानों को विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। इसके अलावा, शिकायतों के त्वरित और संतोषजनक निराकरण के लिए अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी गई, ताकि प्रशासनिक कार्यों में कसावट बनी रहे और समय सीमा के भीतर सभी लक्ष्य पूरे किए जा सकें।
जल संरक्षण और बुनियादी ढांचों पर खास जोर
शहर में जल संकट से निपटने और भूजल स्तर को सुधारने के लिए निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने कैच द रेन अभियान की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी सरकारी इमारतों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था को निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जाए। इसके साथ ही अमृत 2.0 योजना के तहत चल रहे जलापूर्ति और सीवरेज परियोजनाओं के कार्यों की गुणवत्ता की निरंतर निगरानी करने के आदेश दिए गए हैं। निर्माण कार्यों में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत दिया गया है। शहर के सौंदर्यीकरण और पर्यावरण संरक्षण के लिए नए पार्कों के विकास को भी प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया है, ताकि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
जवाबदेही तय करना हुआ अनिवार्य
बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज आम जनता की शिकायतों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। निगमायुक्त ने निर्देश दिए कि शिकायतें केवल बंद नहीं होनी चाहिए, बल्कि आवेदक का पूर्ण संतुष्ट होना जरूरी है। यदि किसी स्तर पर शिथिलता पाई गई, तो जिम्मेदार अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है। इसके अलावा विधानसभा सत्र को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अपने प्रश्नों के उत्तर पूर्ण प्रामाणिकता के साथ और समय सीमा के भीतर तैयार रखने को कहा गया है। निगमायुक्त ने स्पष्ट कहा कि जनहित के कार्यों में किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। जल स्रोतों के पुनर्जीवन का कार्य भी सर्वोच्च प्राथमिकता पर रहेगा ताकि आम आदमी को मूलभूत सुविधाएं निर्बाध रूप से प्राप्त हो सकें।
