जबलपुर। मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी की 593 एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज लाइनों ने बिना किसी ब्रेकडाउन के बिजली आपूर्ति का कीर्तिमान स्थापित किया है। इस बड़ी उपलब्धि में जबलपुर की 2 लाइनों का योगदान बेहद खास है। जबलपुर की 132 केवी जबलपुर-बरगी पावर हाउस लाइन और 132 केवी जबलपुर-पनागर लाइन पिछले 1500 दिनों से लगातार निर्बाध बिजली पहुंचा रही हैं। 1988 में बनी बरगी लाइन और 1 जून 1964 को शुरू हुई पनागर लाइन ने अपनी उम्र को मात देते हुए अद्भुत दक्षता दिखाई है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस सफलता का श्रेय कंपनी के अभियंताओं, तकनीकी स्टाफ और आउटसोर्स कर्मियों के कठिन परिश्रम को दिया है। आंधी, तूफान और बारिश जैसी विपरीत प्राकृतिक स्थितियों के बीच यह प्रदर्शन पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
अत्याधुनिक तकनीक और निरंतर निगरानी से मिली सफलता
इन लाइनों के लगातार कार्य करने के पीछे कंपनी की मजबूत मेंटेनेंस रणनीति है। अधिकारियों के अनुसार नियमित पेट्रोलिंग और थर्मो-विजन निरीक्षण ने लाइनों की सेहत को दुरुस्त रखा है। संवेदनशील स्थानों की विशेष निगरानी और एससीएडीए आधारित मॉनिटरिंग के माध्यम से हर पल की जानकारी ली जाती है। प्री-मानसून अभियान और लाइन कॉरिडोर में पेड़ों की समयबद्ध कटाई-छंटाई से संभावित खतरों को पहले ही समाप्त कर दिया जाता है। इंसुलेटर और कंडक्टर जैसे महत्वपूर्ण उपकरणों का निवारक अनुरक्षण भी समय पर किया जाता है। इन्हीं ठोस कदमों की बदौलत आज मध्यप्रदेश का पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क इतना भरोसेमंद बन गया है कि 6 दशक पुरानी लाइनें भी बिना किसी बाधा के बिजली का संचार कर रही हैं।
सुरक्षित और भरोसेमंद पावर ग्रिड का नया सफर
भविष्य को ध्यान में रखते हुए कंपनी अब अपने नेटवर्क को और अधिक आधुनिक बनाने पर जोर दे रही है। ऊर्जा मंत्री के अनुसार मेंटेनेंस को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल निरंतर बढ़ाया जा रहा है। समयबद्ध निरीक्षण और प्रभावी प्रबंधन का ही नतीजा है कि प्रदेशभर में ब्रेकडाउन की घटनाएं न के बराबर रह गई हैं। यह उपलब्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है बल्कि आम लोगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम है। जबलपुर की इन लाइनों ने यह साबित कर दिया है कि बेहतर योजना और मेहनत से पुरानी व्यवस्था को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है। आने वाले समय में इसी तरह की सतर्कता के साथ बिजली व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने का लक्ष्य रखा गया है।
