एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने एसपी आफिस के सामने पहले जमकर प्रदर्शन किया, थोड़ी देर बाद अचानक ही कुछ कार्यकर्ता गेट के ऊपर चढ़ गए और फिर गेट खोलकर एसपी केबिन के सामने पहुंच गए, और प्रदर्शन करते हुए मांग की है, कि कांग्रेस नेता आलोक मिश्रा और चिंटू चौकसे के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर को फौरन रद्द किया जाए। गौरतलब है कि सोमवार की रात को मालवीय चौक पर प्रदर्शन चल रहा था, उसी दौरान आलोक मिश्रा और टीआई कोतवाली मानस द्व्रिवेदी के बीच तीखी बहस हो गई, बीच-बचाव करने चिंटू चौकसे भी पहुंच गए। बताया जा रहा है कि नेताओं और पुलिस ने एक दूसरे की कालर पकड़ ली, जिसका कि वीडियो सामने आया तो लार्डगंज थाने में शासकीय कार्य में बाधा डालने की एफआईआर दर्ज की गई। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष सचिन रजक का कहना था कि प्रदर्शन के दौरान टीआई ने पहले आलोक मिश्रा को धक्का दिया, जिससे वह जमीन पर गिर गए, और फिर विवाद बढ़ा। सचिन रजक का कहना है कि जांच के बाद दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होना चाहिए। इसी के विरोध में दोनों कांग्रेस नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एएसपी का कहना था कि एफआईआर के विरोध में युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए शिकायत की गई है, उनकी मांग की है, कि मौके पर मौजूद पुलिस कर्मचारी-अधिकारियों की भी जांच होनी चाहिए। एएसपी आयुष जाखड़ ने बताया कि वह स्वयं इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर 48 घंटे के भीतर पुलिसकर्मीयों पर कार्रवाई नहीं होती तो एसपी आफिस के साथ-साथ कोतवाली थाने का घेराव किया जाएगा।
जबलपुर। मालवीय चौक पर कांग्रेस नेता आलोक मिश्रा, चिंटू चौकसे की कोतवाली टीआई के साथ हुई धक्का-मुक्की व विवाद पर दोनों नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई थी। जिसके विरोध में आज कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता व एनएसयूआई के छात्र एसपी आफिस का घेराव करने पहुंच गए। जहां पर कांग्रेस जनों ने जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया, इस बीच कुछ कार्यकर्ता गेट कूदकर एसपी के केबिन के सामने पहुंच गए। इस दौरान फिर पुलिस के साथ कांग्रेसजनों की धक्कामुक्की हुई है।
Tags
jabalpur