जबलपुर। रांझी के निकट उमरिया की 20 एकड़ शासकीय भूमि पर नगर निगम द्वारा एक भव्य नगर वन विकसित किया जा रहा है। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू एवं निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार के मार्गदर्शन में शुरू की गई इस परियोजना का उद्देश्य शहर के पर्यावरण को सुधारने के साथ एक नया पर्यटन स्थल बनाना है। निगमायुक्त ने अपर कलेक्टर आरएस राय, अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान, अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव, तहसीलदार श्रीमती मौसमी, पार्षद श्रीमती रजनी सुरेंद्र साहू एवं उद्यान अधिकारी मनीष तड़से के साथ स्थल का सघन निरीक्षण किया। इस वन क्षेत्र में मियावाकी पद्धति से नीम, पीपल, अमरूद, जामुन, आम, कटहल, गूलर सहित अन्य छायादार व औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। यह प्रोजेक्ट न केवल शहर के प्रदूषण को कम करेगा, बल्कि नागरिकों के लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन साबित होगा।
मियावाकी तकनीक से तैयार होगा घना प्राकृतिक जंगल
नगर वन को विकसित करने के लिए जापानी तकनीक मियावाकी का उपयोग किया जा रहा है। इस पद्धति की खासियत यह है कि इसमें पौधे बहुत तेजी से बढ़ते हैं और कम समय में एक घना जंगल तैयार हो जाता है। यहाँ पूरी तरह से स्थानीय जलवायु के अनुकूल पेड़ लगाए जाएंगे, जो शहर के फेफड़ों को मजबूती देंगे और जैव विविधता को बढ़ाएंगे। निगमायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पौधारोपण और निर्माण कार्य में गुणवत्ता के साथ गति बनाए रखें। यह क्षेत्र भविष्य में जबलपुर का सबसे बड़ा ग्रीन हब बनेगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय निवासियों को शुद्ध हवा प्राप्त होगी।
पर्यटन और मनोरंजन की मिलेगी आधुनिक सुख सुविधाएं
इस स्थल को केवल एक जंगल तक सीमित नहीं रखा जा रहा है, बल्कि इसे एक शानदार टूरिस्ट स्पॉट के रूप में तैयार किया जा रहा है। यहाँ आने वाले पर्यटकों के लिए वाॅकिंग ट्रेक, कैफेटेरिया और नेचरल पैथी सेन्टर का निर्माण होगा। इसके साथ ही स्पोर्टस जोन, आकर्षक फाउंटेन युक्त तालाब और साज-सज्जा की अन्य व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। यह स्थान शहर के लोगों के लिए सुबह-शाम की सैर और वीकेंड मनाने के लिए एक प्रमुख केंद्र बनेगा। प्रशासन की प्राथमिकता है कि निर्माण कार्य समय पर पूरा हो ताकि जल्द ही जबलपुर के नागरिक प्रकृति के बीच सुकून के पल बिता सकें।
