जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा सख्त रवैया अपना जाने के बाद ही सिवनी मालवा की महिला अतिरिक्त न्यायाधीश तबस्सुम खान को धमकी देने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। जहां से दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। इन आरोपियों ने इंटरनेट के माध्यम से जज को जान से मारने की धमकी दी थी। यह कार्रवाई न्यायिक अधिकारियों और न्यायालय परिसर की सुरक्षा से संबंधित हाईकोर्ट की स्वत: संज्ञान जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हुई।महिला न्यायाधीश तबस्सुम खान को गोवंश तस्करी और मॉब लिंचिंग के एक संवेदनशील मामले में 14 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के बाद से धमकियां मिल रही थीं। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बी. पी. शर्मा की युगलपीठ ने न्यायाधीशों की सुरक्षा और भयमुक्त न्यायिक माहौल को प्राथमिकता बताते हुए इस मामले को गंभीरता से लिया था। पिछली सुनवाई में पीठ ने कहा था कि न्यायिक अधिकारियों के लिए डर का माहौल बनाना न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद पुलिस महानिदेशक व अतिरिक्त मुख्य सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए गए थे। आज सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने दोनों उच्च अधिकारियों का व्यक्तिगत हलफनामा अदालत में प्रस्तुत किया। सरकार ने पीठ को बताया कि धमकी देने वाले दोनों मुख्य अभियुक्तों के खिलाफ एफआईओर दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। नर्मदापुरम पुलिस प्रशासन ने संबंधित महिला न्यायाधीश की सुरक्षा भी बढ़ा दी है, ताकि वे बिना किसी दबाव के अपने न्यायिक कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। हलफनामे के साथ, सरकार ने प्रदेश के अन्य जिलों में न्यायाधीशों के साथ हुई सुरक्षा चूक की घटनाओं की स्टेटस रिपोर्ट भी सौंपी। रिपोर्ट में दतिया में जज के साथ हुई अभद्रता के मामले में आरोपियों के खिलाफ चालान पेश करने की जानकारी दी गई। कटनी और बैतूल की घटनाओं में भी आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि न्यायाधीशों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।