सीधी। मध्य प्रदेश के लोकायुक्त की रीवा टीम ने कलेक्ट्रेट कार्यालय में स्थित गोपद बनास तहसील के चपरासी को तीन हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत जमीन नामांतरण और वसीयतनामा के लिए मांग की जा रही थी। आवेदक चपरासी को बाबू समझ कर रहा था। कारवाई के बाद जिसका खुलासा हुआ है। इस दौरान टीम की 16 सदस्यीय टीम रही।
लगातार पैसों की मांग कर रहा था
इस काम के लिए उनसे लगातार पैसों की मांग की जा रही थी। नागेंद्र तिवारी ने बताया कि वे दामोदर प्रसाद साकेत को बाबू समझते थे, लेकिन कार्रवाई के बाद पता चला कि वह भृत्य के पद पर कार्यरत है।
रीवा लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई
नागेंद्र तिवारी के अनुसार, दामोदर प्रसाद साकेत ने उनसे काम के बदले तीन हजार की रिश्वत मांगी थी। इस मांग से परेशान होकर उन्होंने रीवा लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने योजना बनाई। बुधवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी पैसा लिया, लोकायुक्त टीम ने उसे तहसील कार्यालय के गेट के बाहर रंगे हाथ पकड़ लिया।
सत्यापन करने के बाद यह ट्रैप कार्रवाई की गई
लोकायुक्त टीम ने बताया कि वसीयत से संबंधित कार्य के लिए रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। शिकायत का सत्यापन करने के बाद यह ट्रैप कार्रवाई की गई। आरोपी दामोदर प्रसाद साकेत को तीन हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
