जबलपुर।शहर के अधारताल क्षेत्र की निवासी 30 वर्षीय ज्योति त्रिपाठी को व्हाट्सएप पर वर्क फ्रॉम होम का झांसा देकर अज्ञात जालसाजों ने 40 हजार रुपये की चपत लगा दी। पीड़िता ने 7 जुलाई को अधारताल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि अज्ञात व्यक्ति ने टेलीग्राम एप के माध्यम से टास्क पूरे करने का लालच दिया था। शुरुआत में विश्वास जीतने के लिए जालसाजों ने ज्योति के पति के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया महाराजपुर शाखा के खाते में पहले 300 रुपये और फिर 2600 रुपये भेजे। आरोपियों के झांसे में आकर ज्योति ने गूगल पे के जरिए बताए गए यूपीआई आईडी पर 10 हजार रुपये और फिर शाम 6 बजे पटेल जय के नाम से बनी यूपीआई आईडी पर 30 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब उनसे और 50 हजार रुपये की मांग की गई, तो ठगी का अहसास हुआ। पुलिस ने धारा 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया है।
लालच के जाल में फंसाकर ठगे पैसे
साइबर अपराधी अब लोगों को घर बैठे काम देने का झांसा देकर अपने जाल में फंसा रहे हैं। पीड़ित महिला ने बताया कि टेलीग्राम एप के जरिए टास्क पूरा करने के बदले उसे मुनाफा देने का भरोसा दिलाया गया था। जब आरोपी ने और अधिक रकम की मांग की तो महिला ने साइबर सेल में शिकायत की और उसके बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी। अब पुलिस ट्रांजैक्शन आईडी के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। ठगों ने जिस तरह से पहले छोटी रकम खाते में भेजकर भरोसा जीता और फिर बड़ी राशि ऐंठी, उससे साफ है कि यह संगठित गिरोह का काम है।
सावधानी ही है इस अपराध का बचाव
अक्सर लोग घर बैठे कमाई के चक्कर में बिना जांचे परखे अनजान लोगों को पैसे भेज देते हैं। पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान टेलीग्राम टास्क या वर्क फ्रॉम होम ऑफर के चक्कर में न आएं। किसी भी यूपीआई आईडी पर बिना पुष्टि किए रुपये न भेजें। ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। आपकी एक छोटी सी चूक आपकी मेहनत की कमाई को पल भर में गायब कर सकती है। सतर्क रहकर ही इन शातिर जालसाजों से सुरक्षित रहा जा सकता है।
