जबलपुर। कीड़ा भारती एवं महाराष्ट्र शिक्षण मंडल के संयुक्त तत्वाधान में आज पावनखिंड दौड़ का भव्य आयोजन किया गया। यह दौड़ वंदे मातरम चौक सिविक सेंटर से मदन महल शिवाजी प्रतिमा तक निकाली गई, जिसमें 1200 से ज्यादा छात्राओं सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस ऐतिहासिक दौड़ का उद्देश्य छत्रपति शिवाजी महाराज के पराक्रमी मावलों के बलिदान और उनके शौर्य गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महाकौशल प्रांत के उत्तम बनर्जी, विधायक डॉ. अभिलाष पांडे, जितेंद्र जामदार, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन, नगर निगम अध्यक्ष रिंकू विज, एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा, प्रमोद पाठक, कीड़ा भारती के भीष्म सिंह, क्षेत्र संयोजक अनंत डीके, डॉ. राकेश त्रिपाठी, डॉ. राजेश शुक्ला, प्रकाश, विनोद पोद्दार, प्रवीण गुप्ता, शिवांगी पचौरी, प्रीति त्रिपाठी, सुभाष माझी एवं कौशलेंद्र सिंह उपस्थित रहे। डॉ. राकेश त्रिपाठी ने मंच संचालन किया।
शौर्य और साहस का अद्भुत संगम
छत्रपति शिवाजी महाराज के 600 मावलों ने स्वराज की रक्षा के लिए पन्हाला से विशालगढ़ तक 66 किलोमीटर की कठिन दूरी तय की थी। घने जंगलों, बरसात और अंधेरी रात के बीच मावले अपने राजा को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए अडिग रहे थे। शिवाजी महाराज के सुरक्षा अधिकारी बाजी प्रभु देशपांडे ने घोड़खिंड नामक स्थान पर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनके इसी अनुपम त्याग के सम्मान में शिवाजी महाराज ने इस स्थान का नाम पावनखिंड रखा था। इसी गौरवशाली इतिहास की याद को ताजा करने के लिए इस दौड़ का आयोजन किया गया है।


