जबलपुर। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने अपने संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। ऊर्जा विभाग के निर्देशों का पालन करते हुए कंपनी ने अब संविदा कर्मियों को उपादान यानी ग्रेच्युटी का लाभ देने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत 01 अगस्त 2023 या उसके बाद से अनुबंध पर कार्यरत सभी संविदा कर्मियों और उनके आश्रितों को ग्रेच्युटी मिलेगी। सेवा के दौरान मृत्यु या कार्यकाल पूरा होने पर कर्मचारियों को उपादान भुगतान अधिनियम 1972 के तहत यह भुगतान किया जाएगा। कंपनी के इस फैसले से वर्षों से सेवाएं दे रहे हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। यह कदम न केवल कर्मचारियों के कानूनी अधिकारों को मजबूती प्रदान करेगा बल्कि उनके परिवारों के भविष्य को भी सुरक्षित बनाएगा।
सेवा के बीच अंतराल अब बाधा नहीं बनेगा
ग्रेच्युटी के लिए न्यूनतम 5 वर्ष की निरंतर सेवा की शर्त को पूरा करने में कर्मचारियों को बड़ी सहूलियत दी गई है। अब 2018 के नियमों के तहत काम करते समय प्रशासनिक कारणों से अनुबंधों के बीच जो गैप या अंतराल आया था, उसे सेवा में रुकावट नहीं माना जाएगा। इस गैप की अवधि को छोड़कर बाकी काम किए गए समय को निरंतर सेवा में जोड़ दिया जाएगा। इससे उन कर्मचारियों को सबसे अधिक फायदा होगा जिनकी नौकरी के दौरान तकनीकी कारणों से अनुबंध में देरी हुई थी।
आर्थिक सुरक्षा से मिलेगा संविदा कर्मियों को बल
कंपनी का यह निर्णय संविदा वर्ग की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। अब सेवा समाप्ति या दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में मृत्यु होने पर आश्रितों को अधिनियम के नियमों के अनुसार ग्रेच्युटी राशि प्राप्त हो सकेगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। कंपनी प्रबंधन का मानना है कि कर्मचारियों का हित सर्वोपरि है और इस निर्णय से कार्यक्षेत्र में कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ेगा।
