जबलपुर। मानसून के दौरान जनहानि रोकने के लिए नगर निगम प्रशासन ने कमर कस ली है। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के सख्त निर्देशों का पालन करते हुए अपर आयुक्त देवेन्द्र सिंह चौहान और सौरभ मिश्रा की अगुवाई में निगम की टीम ने शहर के संवेदनशील इलाकों में दबिश दी। सरदार वल्लभ भाई पटेल वार्ड के पिसनहारी की मढ़िया और अधारताल के रविन्द्र नगर में खतरनाक व जर्जर मकानों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही की गई। इस दौरान संभागीय भवन अधिकारी शैलेन्द्र कौरव, अतिक्रमण अधिकारी कृष्णपाल सिंह रावत, दिगदर्श सिंह, सुरेंद्र मिश्रा और उपयंत्री यशवंत सोनी की मौजूदगी में नियमों का कड़ाई से पालन किया गया। पिसनहारी की मढ़िया में एक जर्जर भवन स्वामी को स्वयं मलबा हटाने के लिए 3 दिन का अल्टीमेटम दिया गया, जबकि रविन्द्र नगर में एक जीर्ण-शीर्ण मकान को मौके पर ही ध्वस्त कर दिया गया।
पिसनहारी की मढ़िया में भवन स्वामी को मोहलत
वर्षाकाल को देखते हुए नगर निगम की टीम ने सुरक्षा के लिहाज से यह कदम उठाया है। पिसनहारी की मढ़िया क्षेत्र में एक जर्जर मकान के हिस्से को लेकर निगम अधिकारियों ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए भवन मालिक को खुद से सुरक्षित तरीके से ढांचा हटाने के लिए 3 दिन का समय दिया है। निगम का स्पष्ट निर्देश है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा नहीं हुआ तो आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अधारताल में जर्जर मकान को किया जमींदोज
निगम की टीम ने दूसरी बड़ी कार्रवाई रविन्द्र नगर अधारताल क्षेत्र में अंजाम दी। यहाँ एक अत्यंत खतरनाक मकान को सुरक्षा की दृष्टि से चिन्हित किया गया था। अपर आयुक्त देवेन्द्र सिंह चौहान की सीधी निगरानी में निगम के अतिक्रमण दस्ते और भवन शाखा के अधिकारियों ने जेसीबी की मदद से इस जर्जर ढांचे को पूरी तरह गिरा दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी शहर के अन्य खतरनाक भवनों को हटाने का अभियान जारी रहेगा ताकि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

