जबलपुर। शहर के दुर्गावती नगर तिलहरी के रहने वाले 8 माह के बालक शिवांग चौधरी के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम वरदान साबित हुआ है। पिता भरत चौधरी के पुत्र शिवांग को हृदय रोग होने की पुष्टि तब हुई जब आरबीएसके की टीम डॉ. विकास झारिया एवं डॉ. गौतमी चौधरी ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। जिला प्रबंधक सुभाष शुक्ला, नोडल अधिकारी डॉ. अमजद खान तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन डॉ. नवीन कोठारी के प्रयासों से बालक का आयुष्मान भारत योजना में तत्काल रजिस्ट्रेशन कराया गया। इसके बाद शिवांग को इलाज के लिए नारायणा हृदयालय मुम्बई भेजा गया। वहां 8 जुलाई 2026 को डॉक्टरों की टीम ने बालक की सफल सर्जरी की। इस निशुल्क उपचार से शिवांग को एक नई जिंदगी मिल गई है।
समय पर उपचार से मासूम ने जीती जंग
सफल ऑपरेशन के बाद बालक के स्वस्थ होने पर परिजनों ने राहत की सांस ली है। परिवार ने मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन, जिला कलेक्टर जबलपुर, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, नारायणा हृदयालय मुम्बई की टीम और पूरी आर.बी.एस.के. टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया है। समय पर पहचान और सरकारी योजनाओं के बेहतर समन्वय ने एक घर में खुशियां लौटा दी हैं। यह मामला सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की तत्परता और संवेदनशीलता का एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है। इस पूरी प्रक्रिया में डी.ई.आई.एम. सुभाष शुक्ला और नोडल अधिकारी डॉ. अमजद खान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही।
आर.बी.एस.के. के प्रयासों से मिली नई मुस्कान
उपचार के बाद बालक शिवांग अब पूरी तरह सुरक्षित है। स्वास्थ्य विभाग की यह पहल न केवल एक बच्चे को नया जीवन देने वाली रही, बल्कि आमजन के लिए आयुष्मान भारत योजना के महत्व को भी सिद्ध करती है। जबलपुर स्वास्थ्य विभाग की इस त्वरित कार्यवाही ने एक गरीब परिवार को बड़ी मुसीबत से बाहर निकाला है।
