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मुन्ना पान भंडार के संचालक शमशेर ने तोड़ा ग्राहकों का भरोसा,मिलावटी गुटखा बेचने पर पहुंचा जेल



प्रयोगशाला की रिपोर्ट में गुटखा निकला खतरनाक, अभियोजन की दलीलों से साबित हुआ गंभीर अपराध


जबलपुर। जिस मुन्ना पान भंडार के पान मसाले और गुटखों पर आंख मूंद कर लोग यकीन करते थे। कोर्ट के सामने वही सामग्री मिलावटी साबित हुई और मुन्ना पान भंडार के संचालक शमशेर हुसैन को सजा सुना दी गई। इनकम टैक्स ऑफिस के सामने संचालित मुन्ना पान भंडार के मालिक शमशेर हुसैन को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के उल्लंघन का दोषी करार दिया गया है। लोगों को ठगने वाले शमशेर को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अरुण कुमार गोयल ने आरोपी को 6 माह के सश्रम कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा न करने पर उसे अतिरिक्त सजा काटनी होगी। यह मामला 26 सितंबर 2019 का है, जब खाद्य सुरक्षा अधिकारी माधुरी मिश्रा ने अपनी टीम के साथ औचक निरीक्षण के दौरान दुकान से गुटखे के 50 पैकेट जब्त किए थे। भोपाल स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की रिपोर्ट में ये नमूने स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित पाए गए थे। इस मामले में सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी भगवत उईके की पैरवी के बाद अदालत ने स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले आरोपी को सजा सुनाई है।

​मिलावटी सामग्री बेचने पर कोर्ट का कड़ा रुख

​खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने वर्ष 2019 में जब मुन्ना पान भंडार पर छापा मारा, तब वहां से लिए गए गुटखे के नमूनों को सील कर विधिवत जांच के लिए भेजा गया था। प्रयोगशाला की रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि जो गुटखा आम जनता को बेचा जा रहा था, वह उपभोग के लिए पूरी तरह असुरक्षित था। इस गंभीर स्वास्थ्य जोखिम को देखते हुए विभाग ने पहले आरोपी को अपनी बात रखने का मौका दिया, जिसके बाद नियमानुसार न्यायालय में परिवाद दाखिल किया गया। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अब फैसला सुनाते हुए अदालत ने यह संदेश दिया है कि मिलावटखोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​अभियोजन की दलीलों से साबित हुआ गंभीर अपराध

​न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान शासन की ओर से अभियोजन पक्ष ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष मजबूती से रखा। सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी भगवत उईके ने अदालत को बताया कि खाद्य सुरक्षा मानकों के साथ छेड़छाड़ करना नागरिकों के जीवन के साथ खिलवाड़ है। उप-संचालक के.एस. मुवेल और सहायक निदेशक हनुमंत किशोर शर्मा के मार्गदर्शन में प्रस्तुत किए गए ठोस सबूतों और तर्कों से अदालत पूरी तरह सहमत रही। अदालत ने आरोपी शमशेर हुसैन को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 59 (1) के तहत दोषी माना और उसे जेल भेजने का आदेश दिया। यह निर्णय समाज में जागरूकता लाने के लिए एक नजीर साबित होगा।

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