khabar abhi tak

बिजली कार्मिकों को मिली पदोन्नति प्रशंसनीय, अब संविदा कर्मियों का करें नियमितीकरण- राकेश डी पी पाठक

 नियमित और आउट सोर्स कार्मिकों को 50 और प्रतिशत आरक्षण दें 

जबलपुर. मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन के महामंत्री राकेश डी पी पाठक ने कहा है कि राज्य सरकार के सराहनीय निर्णय से लम्बे समय के बाद बिजली कंपनियों में सभी श्रेणियों के कर्मचारियों और अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ मिला है। यह प्रशंसनीय है। सरकार अब संविदा कर्मियों का नियमितीकरण करे और आउट सोर्स कर्मियों को 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ प्रदान करें.

श्री पाठक ने कहा कि पदोन्नति की बाट जोहते हजारों कर्मचारी और अधिकारी बिना पदोन्नति के ही रिटायर हो गए हैं। पदोन्नति का आदेश जारी कराकर शीघ्रता के साथ पदोन्नति का लाभ दिलाने के लिए मध्यप्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, ऊर्जा मंत्री प्रघुम्न सिंह तोमर, अतरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मण्लोई, ऊर्जा सचिव विशेष गढ़पाले एवं सभी एमडी गणों का आभार व्यक्त करते हुए अनुरोध है कि 15 वर्षों शोषित, पीडि़त संविदा कर्मी और आउट सोर्स कर्मचारी अपने सुरक्षित,सुखद भविष्य की बाट जोहते हुए अपनी आधी सेवा आयु पूर्ण कर चुके है, अत: इन्हें भी लाभ दिया जाना न्यायोचित है।

राकेश डी पी पाठक ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा बिजली कंपनियों में नवीन ओएस को स्वीकृति देकर 510000 नियमित पदों का सृजन शासन, ऊर्जा विभाग ने कर भर्ती हेतु स्वीकृति प्रदान की है। अत: अब  बिजली कंपनियों में लगभग 15 वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित पदों पर बिना शर्त बिना परीक्षा लिए 15 बर्षो के बेहतरीन अनुभव के आधार पर तत्काल संविलियन अर्थात नियमित किया जाना चाहिए।

 श्री पाठक ने आग्रह करते हुए कहा कि है कि परीक्षण सहायक नियमित भर्ती 2013 में 1339 पदों पर तीनों विद्युत वितरण कंपनी हेतु ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे प्रतियोगी परीक्षा, साक्षात्कार एवं दस्तावेजों के सत्यापन पश्चात तीनों विद्युत कंपनियों ने कुल 1339 पदों पर नियमित परीक्षण सहायक भर्ती करने के पश्चात शेष लगभग 1550 उत्तीर्ण प्रतियोगियों को प्रतीक्षा सूची में शामिल करते हुए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने संविदा पर नियुक्ति प्रदान की गई एवं कुछ महीनो बाद इन्हीं प्रतीक्षा सूची में से तीनों वितरण कंपनियों ने सैकड़ो लोगों को नियमित नियुक्ति प्रदान कर दी गई जहां कुछ विद्युत दुर्घटना में काल के गाल में समा गए, कुछ लोगों ने स्वयं को असुरक्षित समझते हुए विभाग से त्यागपत्र देकर अन्य केंद्रीय एवं राज्य की सेवा में चले गए एवं कुछ विभाग की प्रतियोगी परीक्षाओं से चयनित होकर नियमित हो गए, जबकि वर्तमान में उपरोक्त में से शेष बचे लगभग 650  कर्मचारी अब भी 12 वर्षों से सरकार के न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं जैसा की 2013 विधानसभा चुनाव पूर्व भाजपा घोषणा पत्र में भी विद्युत वितरण कंपनियों में कार्यरत सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की घोषणा की गई थी।

श्री पाठक ने अनुरोध किया है कि ऊर्जा विभाग मध्य प्रदेश शासन के अंतर्गत तीनों यानी पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर, मध्य क्षेत्र विधुत वितरण कंपनी भोपाल व पश्चिम क्षेत्र विधुत वितरण कंपनी इंदौर  के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के लगभग एक  हजार संविदा एवं नियमित कर्मचारियों के लिए वन टाइम ट्रांसफर पॉलिसी कंपनी टू कंपनी (गृह जिला कंपनी) पारदर्शी स्थानांतरण नीति बनाई जानी चाहिए और इन सभी संविदा कर्मियों को इसका लाभ दिया जाना चाहिए।

 फेडरेशन के महामंत्री राकेश डी पी पाठक ने  कहा कि बिजली कंपनियों में लगभग 15 वर्षों से कार्यरत आउटसोर्स कमचारियों के लिए नवीन भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए । जिससे वर्षों से सेवारत कमचारियों के अनुभव का लाभ बिजली कंपनियों को मिल सकेगा वहीं आउट सोर्स कर्मचारियों का भविष्य सुखद व सुरक्षित हों सकेगा 

Post a Comment

Previous Post Next Post
khabar abhi tak
khabar abhi tak
khabar abhi tak