महिला पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना गाईघाटा क्षेत्र निवासी महिला पूनम (परिवर्तित नाम) ने शिकायत दर्ज कराई कि वह दिल्ली में घरेलू कामकाज करती थी। इसी दौरान दीपक धानुक नामक युवक ने उसे फोन कर जबलपुर में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर आने के लिए कहा। वह 11 जुलाई 2026 को जबलपुर पहुंच गई और दीपक से मुलाकात की। दीपक ने पूनम को गोरखपुर क्षेत्र के एक होटल में ठहराया। दूसरे दिन ही दीपक ने ग्राहक के साथ जाने के लिए कहा, जिसका पूनम ने विरोध किया। दीपक ने धमकी देते हुए जबरन उसे ग्राहक के साथ भेज दिया। इसके बाद से वह धमकी देते हुए देह व्यापार कराने लगा। पीडि़ता का आरोप है कि उसके पास कई ग्राहकों को भेजा गया और कमाई का अधिकांश हिस्सा आरोपी अपने पास रखता था। पुलिस ने मामले में जांच के बाद दीपक धानुक उम्र 29 वर्ष निवासी बाजपेयी कंपाउंड, सदर को दबिश देकर गिरफ्तार किया, आरोपी के कब्जे से जब्त मोबाइल के वॉट्सएप चैट से ग्राहकों को भेजी गई लड़कियों की तस्वीरें और कई अहम सबूत बरामद हुए हैं। पुलिस अब अरविंद, शिव चौधरी व रोशनी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर तलाश में जुटी है।
इसके बाद दीपक ने अरविंद नामक युवक से मुलाकात कराई, अरविंद उसे दूसरे होटल ले गया, जहां पर अन्य युवतियों के साथ रखा। यहां पर भी पूनम सहित अन्य युवतियों के साथ देह व्यापार कराया जाता रहा। पूनम ने अपने घर वापस जाने के लिए का तो उसे धमकी देते हुए रोक लिया गया। यहां तक कि उसके सारे रुपए भी छीन लिए गए। जिससे वह इन लोगों की बात मानने के लिए मजबूर हो गई।
पीडि़ता को महज 500 रुपये देते,बाकी रकम आपस में बांट लेते -
पुलिस को पूछताछ में मुख्य आरोपी दीपक धानुक ने बताया कि वह ग्राहकों से 2,000 रुपये लेता था और पीडि़ता को महज 500 रुपये देकर बाकी रकम आपस में बांट लेते थे। आरोपी ने अपने अन्य सहयोगियों अरविंद उर्फ प्रियांशु, रोशनी पटेल और शिवकुमार उर्फ आकाश के साथ मिलकर इस अवैध धंधे को संचालित करने की बात भी स्वीकार की है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों और इस फर्जीवाड़े में लिप्त होटलों की तलाश में पुलिस की छापेमारी लगातार जारी है।