जबलपुर. मध्यप्रदेश विधुत कर्मचारी संघ फेडरेशन के महामंत्री राकेश डी पी पाठक ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी, ऊर्जा मंत्री प्रघुम्न सिंह तोमर, प्रमुख सचिव ऊर्जा मनीष सिंह सचिव ऊर्जा एवं सीएमडी पावर मैनेजमेंट कंपनी विशेष गढ़पाले को पत्र प्रेषित कर कहा कि आपके सराहनीय निर्णय से लम्बे समय के बाद बिजली कंपनियों में सभी श्रेणियों के कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिल रहा है,नई भर्ती हेतु पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है, 20 वर्षों बाद फ्रिंज बेनी फिट स्वीकृत किए गए हैं।
संविदा कर्मियों को नियमित नियुक्ति देने लिए गए निर्णय के लिए मध्यप्रदेश विधुत कर्मचारी संघ फेडरेशन अभिनंदन,आभार व्यक्त करता है और आपसे आग्रह करता है निकाला गया नया आदेश संविदा कर्मियों से पुनः परीक्षा लेकर नियुक्ति दी जाना इन संविदा कर्मियों के साथ संवेदनशील रवैए और सकारात्मक सोच के विपरीत है। क्यों कि सभी संविदा कर्मी बिजली कंपनियों में विधिवत परीक्षा देकर, पास होकर ही नियुक्त किए गए हैं। अतः 15 वर्षों से इंतजार कर रहे इन संविदा कर्मियों पर कृपा करें और इनसे बिना परीक्षा लेकर नियमित नियुक्ति प्रदान करें। इसी तरह नई नियुक्ति के लिए अनारक्षित वर्ग हेतु न्यूनतम अंक 80 और आरक्षित वर्ग हेतु न्यूनतम अंक 70 निर्धारित किए गए हैं जो बहुत ज्यादा है इससे अधिकतर संविदा कर्मी सफ़ल ही नहीं हो पाएंगे और इतने लम्बे इंतजार के बाद भी उसी पद पर रह जाएंगे। इसमें भी कृप्या संशोधन करने की कृपा करें।
राकेश डी पी पाठक ने कहा कि तीनों विद्युत वितरण कंपनियों में लगभग 15 वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित पदों पर बिना शर्त, बिना परीक्षा लेकर तत्काल संविलयन् , नियमित किया जाना चाहिए। पाठक ने कहा कि परीक्षण सहायक नियमित भर्ती 2013 में 1339 पदों पर (तीनों विद्युत वितरण कंपनी हेतु) ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे ( प्रतियोगी परीक्षा, साक्षात्कार एवं दस्तावेजों के सत्यापन पश्चात ) जहां पर तीनों विद्युत कंपनियों ने कुल 1339 पदों पर नियमित परीक्षण सहायक भर्ती करने के पश्चात शेष लगभग 1550 उत्तीर्ण प्रतियोगियों को प्रतीक्षा सूची में शामिल करते हुए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने संविदा पर नियुक्ति प्रदान की गई एवं कुछ महीनो बाद इन्हीं प्रतीक्षा सूची में से तीनों वितरण कंपनियों ने सैकड़ो लोगों को नियमित नियुक्ति प्रदान कर दी गई जहां कुछ विद्युत दुर्घटना में काल के गाल में समा गए, कुछ लोगों ने स्वयं को असुरक्षित समझते हुए विभाग से त्यागपत्र देकर अन्य केंद्रीय एवं राज्य की सेवा में चले गए एवं कुछ विभाग की प्रतियोगी परीक्षाओं से चयनित होकर नियमित हो गए जबकि *वर्तमान में उपरोक्त में से शेष बचे लगभग 650 कर्मचारी अब भी 13 वर्षों से सरकार के न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं जैसा की 2013 विधानसभा चुनाव पूर्व भाजपा घोषणा पत्र में भी विद्युत वितरण कंपनियों में कार्यरत सभी संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की घोषणा की गई थी। माननीय मुख्यमंत्री जी और आपके द्वारा कर्मचारियों के हित में लगातार सराहनीय निर्णय लिए जा रहे हैं। अतः इनको भी बिना शर्त नियमित किया जाए।
राकेश पाठक ने कहा कि महोदय जी बर्ष 2013 मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान मेंट भोपाल में इनसे परीक्षा लेकर नियुक्ति प्रदान की गई थी। भोपाल के पालीटेक्निक कालेज में इनको प्रशिक्षण भी दिया गया था। इसी तरह सभी बिजली कंपनियों में कार्यरत संविदा कर्मी परीक्षा देकर, परीक्षा पास कर ही नियुक्ति प्राप्त किए हैं। आज फिर नई नियुक्ति के लिए इनसे परीक्षा ली जाना इनके साथ अन्याय,आपके सभी कर्मचारियों के प्रति संवेदनशील रुख़, सकारात्मक सोच के विपरीत होगा।
राकेश डी पी पाठक ने कहा कि नई नियुक्ति हेतु न्यूनतम अंकों का निर्धारण हुआ है वह उचित नहीं है। अनारक्षित वर्ग हेतु अधिकतम बोनस अंक 30 और परीक्षा में न्यूनतम अंक 50 लाना अनिवार्य है अर्थात 80 अंक। इसी तरह आरक्षित वर्ग हेतु बोनस अंक 30 और परीक्षा में 40 अंक लाना अनिवार्य है अर्थात 70 अंक। यह बहुत ही ज्यादा रखा गया है। मेरा अनुरोध है कि अनाराक्षित वर्ग हेतु बोनस अंक मिलाकर टोटल न्यूनतम अंक 50 और आरक्षित वर्ग हेतु टोटल न्यूनतम अंक 40 निर्धारित किया जाना चाहिए तभी संविदा कर्मियों को आपके संवेदनशील रुख़, सकारात्मक सोच का सफल परिणाम मिल सकेगा। संविदा कर्मी 15 बर्ष वाद नियमित नियुक्ति सपना पूरा कर पाएंगे।
राकेश डी पी पाठक ने कहा कि लम्बे समय से संविदा कर्मी अपने गृह क्षेत्र में कार्यरत बिजली कंपनी से दूर ऊर्जा क्षेत्र की ही दूसरी बिजली कंपनी में सेवा दें रहें हैं। वर्षों से अपने गृह नगर में ट्रांसफर हेतु निवेदन करते आ रहे हैं। नई नियुक्ति हेतु सभी कार्यों हेतु मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर को नोडल एजेंसी बनाया गया है। फेडरेशन का आपसे अनुरोध है कि नई नियुक्ति के साथ सभी संविदा कर्मियों से यह आवेदन ले लिया जाए कि वो किस कंपनी में जाना चाहते हैं और सहानुभूति पूर्वक विचार कर उन्हें उनकी मांग पर संबंधित बिजली कंपनी में ही नियुक्ति प्रदान करने की कृपा करें।
राकेश डी पी पाठक ने कहा कि विद्युत वितरण कंपनियों में लगभग *15 वर्षों से कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को नवीन भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाना चाहिए। संविदा कर्मियों की नियमित नियुक्ति से रिक्त हो रहें सभी पदों पर 15 वर्षों से कार्यरत आउट सोर्स कर्मचारियों को नियुक्ति प्रदान करने की कृपा करें। इन शोषित, पीड़ित जनों के लिए न्यायोचित होगा, जिससे वर्षों से सेवारत कर्मचारियों के अनुभव का लाभ बिजली कंपनियों को मिल सकेगा।
