जबलपुर। शहर के रांझी और खमरिया थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों ने दो अलग अलग घटनाओं को अंजाम देकर लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर दिया। पहली घटना रांझी थाना क्षेत्र की है जहाँ शंकर नगर बड़ा रांझी निवासी 31 वर्षीय नवीन गुप्ता का मोबाइल हैक कर अज्ञात आरोपी ने उनके यूनियन बैंक खाते से 1 लाख 90 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए। वहीं दूसरी वारदात खमरिया थाना क्षेत्र में हुई जहाँ घाना निवासी 32 वर्षीय शैलेन्द्र श्रीवास्तव को ठगों ने अपना शिकार बनाया। ठग ने खुद को एसबीआई कर्मचारी बताकर क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का प्रलोभन दिया और ओटीपी हासिल कर उनके एसबीआई बैंक खाते से 1 लाख 83 हजार 343 रुपये उड़ा दिए। पुलिस ने दोनों मामलों में धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर जालसाजों ने मोबाइल हैक कर उड़ाए लाखों
ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों में नवीन गुप्ता को अपना निशाना बनाया गया। शिकायत के अनुसार 09 जून को आरोपी ने किसी तरह नवीन का मोबाइल हैक कर लिया। मोबाइल का एक्सेस मिलते ही शातिर अपराधी ने उनके बैंक खाते की सुरक्षा में सेंध लगाई। बिना किसी ओटीपी या अनुमति के आरोपी ने यूनियन बैंक से 1 लाख 90 हजार रुपये की राशि अलग अलग बार में अपने खाते में ट्रांसफर कर ली। जब नवीन को खाते से पैसे कटने का मैसेज मिला तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल बैंक को सूचित कर अपना खाता फ्रीज करवाया और थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस फिलहाल उन खातों की जांच कर रही है जिसमें यह रकम ट्रांसफर की गई है।
ओटीपी के झांसे में फंसकर गंवाई बड़ी रकम
खमरिया क्षेत्र में हुई दूसरी घटना में शैलेन्द्र श्रीवास्तव के साथ बड़ी धोखाधड़ी हुई। आरोपी ने फोन करके शैलेन्द्र को एसबीआई का कर्मचारी बताया और विश्वास में लेने के लिए क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने का ऑफर दिया। ठग ने बातों में उलझाकर शैलेन्द्र से ओटीपी मांग लिया। जैसे ही शैलेन्द्र ने ओटीपी साझा किया, वैसे ही उनके एसबीआई खाते से 1 लाख 83 हजार 343 रुपये पार हो गए। यह घटना स्पष्ट करती है कि साइबर अपराधी आम लोगों को लुभाने के लिए नए नए तरीके अपना रहे हैं। पुलिस का कहना है कि लोग किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना ओटीपी या बैंक संबंधित जानकारी बिल्कुल न दें। पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन पता लगाने में जुटी है।
