जबलपुर। जबलपुर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक स्कूल बस का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बच्चों को निर्धारित क्षमता से काफी अधिक संख्या में बैठाकर ले जाते हुए देखा जा सकता है। इस बस का नंबर एमपी 20 डीए 1365 है, जो सुंदरपुर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर की बताई जा रही है। वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गहरी चिंता जताते हुए कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से इस मामले की शिकायत की है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि बस चालक राजेश ठाकुर नियमों को ताक पर रखकर हर दिन क्षमता से ज्यादा बच्चों को बस में बैठाता है, जिससे मासूमों की जान जोखिम में पड़ी हुई है।
सुरक्षा मानकों का सरेआम उल्लंघन
सामने आई जानकारी के अनुसार, इस स्कूल बस की बैठने की क्षमता महज 20 से 25 बच्चों की है, लेकिन बस में इससे कहीं ज्यादा छात्रों को ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। यह सीधे तौर पर मोटर वाहन अधिनियम और स्कूली वाहनों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का बड़ा उल्लंघन है। बस के दरवाजे पर लटके हुए और खिड़कियों से बाहर झांकते बच्चों का दृश्य किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता देने जैसा है। यदि चलती बस में ऐसी स्थिति में कोई अनहोनी होती है, तो इसके परिणाम बेहद भयावह और जानलेवा हो सकते हैं। जिम्मेदारों की यह लापरवाही अभिभावकों के बीच भी भारी आक्रोश का कारण बनी हुई है।
प्रशासनिक अमले ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने तत्काल संज्ञान लिया है। स्पष्ट किया है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग को जल्द ही पत्र भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद बस संचालक और चालक के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग स्कूली वाहनों की फिटनेस तथा क्षमता जांचने के लिए नियमित अभियान चलाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
