जबलपुर। पिछले तीन दिनों से मानसून की सुस्ती ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। मानसून के छत्तीसगढ़ की ओर शिफ्ट हो जाने के कारण शहर और आसपास के इलाकों से बारिश पूरी तरह गायब हो गई है। इस बदलाव से तापमान में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है जिससे भीषण गर्मी और उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया है। स्थिति यह है कि केवल मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के 9 राज्यों में अगले 5 दिनों तक बारिश की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। रविवार को अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 26 डिग्री बना हुआ है जो सामान्य से 1 डिग्री अधिक है।
पहले और अब:बदल गए बारिश के नजारे
शहरवासी इन दिनों झमाझम बारिश के इंतजार में बेताब हैं। हालांकि सीजन के दौरान इक्का-दुक्का बार कुछ देर के लिए बारिश जरूर हुई लेकिन उसने भीषण गर्मी और उमस से कोई खास राहत नहीं दी है। बुजुर्ग बताते हैं कि पहले मानसून सक्रिय होने पर हफ्तों तक सूर्य के दर्शन नहीं होते थे और लगातार मूसलाधार बारिश होती थी। बीते कुछ वर्षों में यह स्थिति पूरी तरह बदल गई है। शहर में वर्षा का औसत आंकड़ा पहले 52 इंच हुआ करता था जो अब सिमटकर 48 इंच पर आ गया है। वर्तमान में हवाओं की दिशा पश्चिमी है और रफ्तार 7 से 8 किमी प्रति घंटा बनी हुई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक मौसम के शुष्क रहने का अनुमान जताया है।
कल हो सकती है बारिश,लेकिन ये केवल अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल सक्रिय मानसूनी तंत्र काफी कमजोर हो चुका है। इसके कारण 13 और 14 जुलाई को केवल हल्की बारिश या रिमझिम फुहारों की ही संभावना बनी हुई है। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि 14 जुलाई के बाद मौसम फिर करवट ले सकता है और झमाझम बारिश की वापसी हो सकती है। फिलहाल आर्द्रता 77 प्रतिशत बनी हुई है जिससे उमस का प्रकोप जारी है। लोग अब बस इसी उम्मीद में हैं कि कब आसमान से राहत की बारिश बरसेगी और गर्मी से निजात मिलेगी।
