नई दिल्ली. भारतीय रेलवे 15 जुलाई को आईआरसीटीसी वेबसाइट का नया बीटा वर्जन लॉन्च करने जा रहा है। इसके लॉन्च होते ही ट्रेन की टिकट बुक करते समय धीमी वेबसाइट, उलझाने वाले कैप्चा और बार-बार आने वाले पॉप-अप्स से लोगों को निजात मिल जाएगी।
जो बदलाव किये जा रहे हैं, उनमें अब टिकट बुक करते समय चमकदार और परेशान करने वाले ग्राफिक्स के साथ विज्ञापन नहीं दिखेंगे। कैप्चा को आसान और छोटा कर दिया गया है, जिससे लॉगइन में टाइम न लगे।
यात्रियों को अब अलग-अलग क्लास जैसे स्लीपर, थर्ड एसी, सेकंड एसी पर क्लिक करके सीट चेक नहीं करनी होगी। सभी क्लास में उपलब्ध सीट एक साथ एक ही स्क्रीन पर दिखाई देगी। टिकट बुक करने के प्रोसेस को छोटा कर दिया गया है। अभी यात्रियों को हर बार पूरी डिटेल भरनी पड़ती है। नए वर्जन में पैसेंजर्स की जानकारी सेव रहेगी, जिससे हर बार डिटेल भरने की जरूरत नहीं होगी। रेल मंत्रालय के अनुसार, तत्काल टिकटों की बुकिंग के दौरान फर्जी ऑटोमैटिक बुकिंग को रोकने के लिए ये बड़ा फैसला लिया गया है।
आईआरसीटीसी की नई वेबसाइट में ये बदलाव दिखेंगे
कैप्चा: कोई अनावश्यक कैप्चा, पॉप-अप या चमकते हुए ग्राफिक्स नहीं होंगे। अभी तक कई बार कैप्चा देना पड़ता था, तथा कई पॉप-अप आते थे।
सीट: अभी तक एक बार में एक ही क्लास के सीट की उपलब्धता दिखती थी। अब एक साथ सभी क्लास में सीट की उपलब्धता दिखाई देगी।
चेकआउट तेज : नए पोर्टल पर टिकट बुकिंग के स्टेप्स को कम किया गया है, जिससे चेकआउट प्रोसेस पहले से काफी फास्ट हो जाएगा।
दोबारा बुकिंग आसान: एक बार टिकट बुक करने पर यात्री की जानकारी सेव रहेगी। पहले से सेव डिटेल्स के जरिए दोबारा बुकिंग आसान होगी।
तत्काल बुकिंग में बॉट पर लगेगी लगाम: बॉट एक कंप्यूटर प्रोग्राम है जो पूर्व-निर्धारित निर्देशों का पालन करते हुए स्वचालित रूप से कार्य करता है। इसका उपयोग करते हुए डेटा एंट्री और शेड्यूलिंग जैसे कार्य बहुत तेजी से किए जा सकते हैं। दलाल ऑनलाइन टिकट लेने के लिए कंप्यूटर बॉट का सहारा लेते हैं। यात्रा और यात्री के विवरण सहित पूरी जानकारी पहले से कंप्यूटर में होने से विंडो खुलने के महज चंद सेकंड में टिकट बना लेते हैं। नई वेबसाइट में तत्काल बुकिंग के दौरान ऑटोमैटिक बॉट के इस्तेमाल को रोकने के उपाय किए गए हैं।
