बताया गया है कि ग्राम नैगंवा में रहने वाली महिला रजनी सिंदराम को तेज प्रसव पीड़ा हुई, इसके बाद पति सहित अन्य परिजनों ने तत्काल 108 एम्बुलेंस को फोन लगाया, लेकिन काफी देर तक एम्बुलेंस नहीं आई, जिसपर गर्भवती रजनी को परिजनों ने आशा कार्यकर्ता की मदद ली और आटो में बिठाकर स्वास्थ्य केन्द्र घुटास के लिए रवाना हो गए। घुटास अस्पताल में डॉक्टर ने महिला को प्राथमिक इलाज तो दिया, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिछिया रेफर कर दिया। परिजन रजनी को लेकर बिछिया जा रहे थे, तभी रास्ते में ही महिला रजनी को असहनीय प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने ऑटो के अंदर एक-एक कर चार बच्चों को जन्म दे दिया। बच्चों को जन्म देते देख आशा कार्यकर्ता ने तत्काल महिला को किसी तरह बिछिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद चारों नवजातों को मृत घोषित कर दिया। इस मामले को लेकर बिछिया के डाक्टरों का कहना था कि जब महिला को अस्पताल लाया गया, तब तक रास्ते में ही उसकी डिलीवरी हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि महिला का गर्भ करीब लगभग 7 महीने का था। समय से पहले प्रसव होने के कारण चारों नवजात बच्चे पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाए थे। अस्पताल पहुंचते ही महिला को तुरंत जरूरी और आपातकालीन इलाज दिया गया। फिलहाल महिला की हालत पूरी तरह सामान्य और स्थिर बनी हुई है, और बिछिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उसका इलाज जारी है।