पुलिस के अनुसार साबिर अली उम्र 44 वर्ष उत्तराखंड के उधमपुर नगर का रहने वाला है। जिसका पालन-पोषण पंजाबियों के बीच हुआ था। जिसके चलते उसे पंजाबी भाषा और सिख संस्कृति की अच्छी जानकारी थी। इसी बात का फायदा उठाकर वह हरभजन नाम से लोगों के बीच रह रहा था। वह गुरुद्वारे में अरदास भी करता था, जिससे किसी को उस पर शक नहीं हुआ। 29 जून को आरोपी को बिछुआ और खमारपानी क्षेत्र की शराब दुकानों से कैश कलेक्शन लेकर मुख्यालय पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। वह 5.46 लाख रुपये लेकर बस स्टैंड पहुंचा, वहां बाइक खड़ी की और कैश से भरा बैग लेकर फरार हो गया। जब वह कार्यालय नहीं पहुंचा और उसका मोबाइल बंद मिला, तब मामले की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश में दिल्ली और पंजाब में लगातार दबिश दी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 2.72 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में सामने आया है कि बाकी रकम खर्च की जा चुकी है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि उसने पहले भी पहचान छिपाकर इस तरह की कोई वारदात की है या नहीं।
दो पहचान पत्र मिले-
गिरफ्तारी के बाद पुलिस को आरोपी के पास से दो अलग-अलग पहचान पत्र मिले। एक पहचान पत्र में उसका नाम साबिर अली, पिता मोहम्मद शाह, निवासी उधमपुर नगर (उत्तराखंड) दर्ज है। दूसरे पहचान पत्र में वह हरभजन नाम से दर्ज मिला। पुलिस का कहना है कि इन्हीं दस्तावेजों से मामले का खुलासा हुआ।