जबलपुर। कलेक्टर के कड़े निर्देशों के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जारी किए गए नए आदेश से पूरे स्वास्थ्य विभाग के महकमे में भारी हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से विभिन्न कार्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत 50 से अधिक नर्सिंग ऑफिसर्स का अटैचमेंट तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किए जाने के बाद से लगातार चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। यह कार्रवाई सीएमएचओ द्वारा कुछ दिन पहले कलेक्टर के दिए गए स्पष्ट और कड़े निर्देशों के बाद अमल में लाई गई है। जानकारी के अनुसार, कई नर्सिंग ऑफिसर पिछले लंबे समय से अपने मूल कार्यस्थलों की बजाय विभिन्न प्रशासनिक कार्यालयों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में अटैचमेंट के आधार पर मजे से कार्य कर रहीं थीं। इसके कारण जिला अस्पताल सहित कई प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी लगातार बनी हुई थी, जिसका सीधा और नकारात्मक असर रोजाना दूर-दूर से आने वाले आम मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ रहा था। लगातार सीएमएचओ और कलेक्टर के पास मरीजों की पहुंच रही गंभीर शिकायतों के बाद कलेक्टर ने कुछ दिन पहले सीएमएचओ से इसकी पूरी सूची तलब कर व्यक्तिगत रूप से समीक्षा की थी। इसके साथ ही भोपाल से आए वरिष्ठ अधिकारियों ने भी विभिन्न अस्पतालों का औचक निरीक्षण करने के दौरान नर्सिंग स्टाफ पर्याप्त होने के बावजूद अटैचमेंट के चलते मैदानी स्तर पर कमी होने पर गहरी नाराजगी जताई थी।
अटैचमेंट खत्म होने से अस्पतालों में बढ़ेगी नर्सें
लंबे समय से विभिन्न कार्यालयों में अटैचमेंट के नाम पर जमे रहने के कारण मूल स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की भारी किल्लत बनी हुई थी। लगातार मिल रही शिकायतों और प्रशासनिक समीक्षा के बाद कलेक्टर और सीएमएचओ द्वारा ये कदम उठाया गया है ताकि जमीनी स्तर पर चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर लौट सके और आम जनता को राहत मिल सके।
विक्टोरिया में होगी 30 नर्सिंग अफसरों वापसी
जारी किए गए इस नवीन आदेश के तहत कुल 30 नर्सिंग ऑफिसर्स की सीधे तौर पर जिला अस्पताल यानी विक्टोरिया अस्पताल में वापसी सुनिश्चित की गई है। इनके वापस लौटने के बाद जिला अस्पताल में लंबे समय से महसूस की जा रही नर्सिंग ऑफिसर्स की भारी कमी को आसानी से पूरा किया जा सकेगा और मरीजों को इलाज में बड़ी राहत मिलेगी।
