जबलपुर। नगर निगम की कार्यप्रणाली में कसावट लाने के उद्देश्य से आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने निगम मुख्यालय में एक अहम समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में लोककर्म, जलप्रदाय, अमृत योजना, सीएम हेल्पलाइन और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों की गहन समीक्षा की गई। निगमायुक्त अहिरवार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनहित के कार्यों को पहली प्राथमिकता दी जाए और मैदानी स्तर पर जाकर कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखी जाए। उन्होंने आपदा प्रबंधन के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखने और नाला सफाई का कार्य युद्धस्तर पर करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, आगामी 3 महीनों तक वार्डों में पर्यावरण संरक्षण और पानी बचाओ अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण काम न करने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
आपातकालीन तैयारी: जन शिकायतों पर विशेष फोकस
मानसून की आहट को देखते हुए निगमायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन की तैयारी में कोई कोताही न बरती जाए। शहर के सभी नालों और नालियों की सफाई का कार्य तेजी से पूरा किया जाए ताकि जलभराव की समस्या न हो। संभाग स्तर पर संचालित कंट्रोल रूम को 24 घंटे चालू रखने को कहा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किए जा सकें। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण को लेकर आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों का समाधान संतुष्टि के साथ होना चाहिए। एल-1 और एल-2 स्तर पर ही लंबित प्रकरणों को समय सीमा में निपटाया जाए ताकि आम जनता को परेशान न होना पड़े।
विकास कार्यों में गुणवत्ता के साथ पारदर्शिता का मंत्र
नगर निगम के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अमृत योजना के तहत सीवरेज नेटवर्क और उद्यानों के निर्माण कार्यों में गति लाने को कहा गया है। पानी की समस्या दूर करने के लिए लीकेज सुधारने और अंतिम छोर तक पर्याप्त जल वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़कों के निर्माण और अन्य अधोसंरचना विकास कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की कड़ी जांच की जाएगी। बैठक में सभी विभागीय प्रमुख मौजूद रहे।
