जबलपुर। मध्यप्रदेश में प्रमोशन में रिजर्वेशन मामले में आज हाईकोर्ट की विशेष पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। राज्य सरकार ने जवाब पेश करते हुए कहा कि पदोन्नति में आरक्षण पिछड़ेपन और सेवाओं में अपर्याप्त प्रतिनिधित्व से जुड़े आंकड़ों के आधार पर दिया जा रहा है।हाईकोर्ट की विशेष बेंच ने सुनवाई के बाद राज्य सरकार को संबंधित कर्मचारियों का डाटा याचिकाकर्ताओं के साथ साझा करने के निर्देश दिए। उन्हें जवाबी बहस की तैयारी के लिए समय देते हुए अगली सुनवाई 21 जुलाई निर्धारित कर दी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया के स्वयं को मामले से अलग करने के बाद गठित विशेष पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और न्यायमूर्ति विनय सराफ शामिल हैं, ने मामले की सुनवाई शुरू की। सुनवाई में राज्य सरकार ने अपने पक्ष में विस्तृत जवाब न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार अपने दावों के समर्थन में उपलब्ध कर्मचारियों के संबंधित आंकड़े और डेटा याचिकाकर्ताओं को उपलब्ध कराए, ताकि वे उस पर अपना पक्ष रख सकें। इसके बाद याचिकाकर्ताओं को बहस की तैयारी के लिए समय दिया गया।