सतना. पमरे के सतना जिले के कैमा रेलवे स्टेशन के पास देर रात एक नाबालिग लड़की बेहोशी की हालत में मिली। उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे। मुंह पर पट्टी बंधी थी। उसके शरीर पर चोट के निशान थे और कपड़े भी फटे हुए थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पीडि़ता के बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना कोलगवां थाना क्षेत्र की है। स्थानीय सरपंच मनोज कुमार ने डायल-112 पर सूचना दी कि एक नाबालिग सड़क किनारे बेहोश पड़ी है। पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय महिला की मदद से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह चौहान और थाना प्रभारी सुदीप सोनी भी अस्पताल पहुंचे।
पीडि़ता का दावा- काम दिलाने के बहाने ले गए
पुलिस के अनुसार, इलाज के बाद होश में आने पर पीडि़ता ने बताया कि वह मैहर जिले के एक गांव की रहने वाली है। उसकी मां और भाई की मौत हो चुकी है और पिता ने दूसरी शादी कर ली है। उसने बताया कि वह काम की तलाश में सतना आई थी। करीब 15 दिन पहले सिंधी कैंप से दो युवक उसे स्थायी काम दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गए।
बंधक बनाकर रखने और मारपीट का आरोप
पीडि़ता ने आरोप लगाया कि दोनों युवक उसे एक घर में ले गए, जहां उसे बंधक बनाकर रखा गया। वहां एक महिला भी रहती थी। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। सोमवार को आरोपियों ने उसके हाथ-पैर और मुंह बांधकर कैमा रेलवे स्टेशन के पास छोड़ दिया और फरार हो गए। पीडि़ता ने अपने साथ यौन उत्पीडऩ का भी आरोप लगाया है। इस मामले की जांच जारी है।
पुलिस कर रही जांच
कोलगवां पुलिस ने पीडि़ता के बयान के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस की टीमें आरोपियों और उस मकान की तलाश कर रही हैं, जहां उसे रखा गया था। साथ ही मैहर पुलिस की मदद से पीडि़ता की पहचान और उसके बताए तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
एसपी बोले- हर तथ्य की होगी तस्दीक
सतना के पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने बताया कि पीडि़ता के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पुलिस पीडि़ता के परिजनों से संपर्क करने के साथ-साथ घटना स्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है।
