जबलपुर। मध्य प्रदेश पटवारी संघ की जिला शाखा ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आज कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। जिले भर से एकत्रित हुए पटवारियों ने सरकार के उदासीन रवैये पर गहरी नाराजगी जताई और अपनी 5 सूत्रीय मांगों के समाधान के लिए जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। पटवारी संघ ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी मांगों पर प्रशासन ने समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो वे 15 जुलाई से अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल पर चले जाएंगे। इस आंदोलन से राजस्व और प्रशासनिक कार्यों पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पटवारी मौजूद रहे और उन्होंने सरकार से अपनी जायज मांगों को तत्काल पूरा करने की पुरजोर मांग की है।
अधिकारों के लिए सड़क पर उतरे पटवारी
पटवारियों का कहना है कि वे लगातार जनहित के कार्यों में जुटे रहते हैं, लेकिन उनकी बुनियादी समस्याओं की तरफ लंबे समय से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से कैडर रिव्यु और पदोन्नति की प्रक्रिया को अविलंब शुरू करने की मांग की गई है। साथ ही, नायब तहसीलदार के लिए विभागीय परीक्षाओं का नियमित आयोजन करने और राजस्व कार्यों के दौरान रिपोर्ट देने पर पटवारियों पर दर्ज होने वाली एफआईआर से बचाव के लिए उन्हें जज प्रोटेक्शन एक्ट जैसा सुरक्षा कवच देने की पुरजोर वकालत की गई है। इसके अलावा स्वामित्व योजना और कृषि व सिंचाई संगणना जैसे कार्यों का बकाया मानदेय तुरंत जारी करने की भी चेतावनी दी गई है, अन्यथा भविष्य में इन कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा।
प्रशासनिक कामकाज पर संकट के संकेत
अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए संघ ने साफ किया है कि शासन की 2026 नीति के विरुद्ध जाकर संगठन के पदाधिकारियों के जो तबादले किए गए हैं, उन्हें तत्काल निरस्त किया जाए। इसके साथ ही समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए नियमित परामर्शदात्री बैठकें आयोजित करना अनिवार्य है। पटवारियों का यह प्रदर्शन एक चेतावनी है कि यदि 15 जुलाई तक सरकार ने उनकी वाजिब मांगों पर गौर नहीं किया, तो काम बंद आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। अब गेंद सरकार के पाले में है कि वह राजस्व विभाग की रीढ़ माने जाने वाले पटवारियों की मांगों पर कब तक संवेदनशीलता दिखाती है। जिले के तमाम पटवारी अपनी मांगों पर अडिग हैं और आगामी रणनीति बनाने के लिए एकजुट हो गए हैं।
