बताया गया है कि ग्राम बम्होरी की रहने वाली कविता बाई उम्र 30 वर्ष को आज दोपहर तीन बजे के लगभग अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। दर्द बढऩे पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया। लेकिन वहां से जवाब मिला कि एंबुलेंस आने में करीब एक घंटा लगेगा। महिला की हालत बिगड़ती देख रिश्तेदार उसे एक ई-रिक्शा में बैठाकर स्वास्थ्य केंद्र के लिए रवाना हुए। लेकिन बम्होरी बस स्टैंड के पास पहुंचते ही ई-रिक्शा की बैटरी डिस्चार्ज हो गई। जिसके चलते परिजनों ने महिला को यात्री प्रतीक्षालय में बैठा दिया और एम्बुलेंस का इंतजार करने लगे। एक घंटा बीतने के बाद भी एम्बुलेंस नहीं आई और महिला को दर्द असहनीय हो गया, जिसपर परिजनों ने गांव की महिलाओं को मदद के लिए बुलाया। जिन्होने साडिय़ों से पर्दा बनाया और प्रतीक्षालय के भीतर ही महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। कविता ने एक बच्चे को जन्म दिया है और यह उनका तीसरा प्रसव है।
दस दिन पहले हुई है पति की मौत-
चर्चाओं के दौरान यह बात सामने आई है कि परिवार पहले से ही गहरे सदमे में था, क्योंकि प्रसूता कविता के पति रतन सिंह की महज दस दिन पहले ही आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई थी और घर में गंगाजली का कार्यक्रम चल रहा था। महिला के देवर नोने सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि समय पर एंबुलेंस और स्वास्थ्य स्टाफ न मिलने की वजह से उन्हें इस मुसीबत का सामना करना पड़ा। फिलहाल मां और नवजात बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें रोड स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।