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जबलपुर के कैफे में 'किटी और लव पार्टी' पर हंगामा, हिंदू धर्म सेना के विरोध के बाद कार्यक्रम निरस्त

 


जबलपुर।  चौथे पुल क्षेत्र में स्थित सेरेंडीपिटी कैफे में शनिवार को आयोजित होने वाले एक विशेष कार्यक्रम को लेकर भारी बवाल हो गया। यहां कथित तौर पर किटी पार्टी और लव पार्टी का आयोजन किया जा रहा था, जिसकी भनक लगते ही हिंदू धर्म सेना के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष नीरज राजपूत के नेतृत्व में मुकेश रजक, अविनाश सुखदान, रोहित, सौरभ, भरत, परमदीप और अभय राजपूत सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने कैफे के बाहर जमकर नारेबाजी की और इस आयोजन को सामाजिक व सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए तुरंत बंद करने की मांग की। भारी विरोध और हंगामे को देखते हुए प्रबंधन ने कार्यक्रम को शुरू होने से पहले ही पूरी तरह निरस्त कर दिया।

​संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण का हवाला

​हिंदू धर्म सेना के पदाधिकारियों ने कैफे संचालक के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों के माध्यम से शहर के छोटे बच्चों और युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। संगठन का मानना है कि इस प्रकार की पार्टियां नई पीढ़ी को गलत दिशा में ले जाती हैं, जिससे सामाजिक ताना-बाना बिगड़ता है। कार्यकर्ताओं ने साफ किया कि भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों के खिलाफ होने वाली किसी भी गतिविधि को शहर में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

​मौके पर तनावपूर्ण माहौल, आयोजकों को सख्त चेतावनी

​विरोध प्रदर्शन के दौरान सेरेंडीपिटी कैफे परिसर के बाहर काफी देर तक गहमागहमी और तनाव की स्थिति बनी रही। हिंदू धर्म सेना के कार्यकर्ताओं ने कैफे प्रबंधन को चेतावनी दी कि भविष्य में उनके परिसर में इस तरह के विवादित आयोजन दोबारा नहीं होने चाहिए। यदि फिर कभी ऐसा प्रयास किया गया, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। इस पूरे घटनाक्रम और तीखे विरोध के बाद कैफे संचालक ने कदम पीछे खींच लिए, हालांकि इस विषय पर आयोजकों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ​संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनका दल समाज में गलत संदेश देने वाली हर गतिविधि को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य और सामाजिक मर्यादा की रक्षा के लिए उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा। इस हंगामे के बाद संगठन के सदस्य शहर के अन्य कैफे और सार्वजनिक स्थलों पर होने वाले इस तरह के आयोजनों पर भी पैनी नजर रखेंगे ताकि सांस्कृतिक मर्यादा बनी रहे।

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