जबलपुर। रांझी और खमरिया में ऐसे दो मामले सामने आए हैं, जिनमें बूढ़ी मां को सहारा तो नहीं दे सके बल्कि दो बेटों ने मौत को गले लगा लिया है। पुलिस ने दोनों मामलों में शव पीएम के लिए भेज दिया है और छानबीन शुरू कर दी है।
रांझी पुलिस ने बताया कि गुरूवार को केवट मोहल्ला में रहने वाली राखी केवट ने सूचना दी थी कि उसकी मौसी का बेटा अनिल केवट (40) रांझी के अपने घर में अकेले रहते थे। 10 जून की रात्रि में उनसे बात करने के बाद अपने घर आ गयी थी। गुरूवार सुबह 7 बजे अनिल केवट की मां एवं गोविंद केवट ने अनिल का दरवाजा बंद होने से दरवाजा खटखटाया। दरवाजा न खुलने पर दरवाजा तोड़ा तो देखा कि अनिल लकड़ी की बल्ली में फंदे पर लटका था, जिसकी मृत्यु हो चुकी थी।
इसी तरह खमरिया के तिघरा गांव में पुराने दोस्त के पहुंचने के पहले ही जिगरी ने अपने घर में आत्महत्या कर ली। यह घटना बुधवार रात की है। पुलिस ने बताया कि तिघरा निवासी बंटी यादव ने सूचना दी कि उसकी एवं गिरीश (40) की पुरानी दोस्ती है। गुरूवार रात 9 बजे गिरीश की मां तुलसा बाई ने फोन कर बताया कि गिरीश घर पर सो रहा है। जाकर देख लेना। वह गिरीश के घर पहुंचा एवं दरवाजा खटखटाया। दरवाजा न खुलने पर दरवाजा तोडा तो देखा कि गिरीश लकड़ी की बल्ली में फंदे पर लटका था, जिसकी मृत्यु हो चुकी थी।