जबलपुर। राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने से एनएसयूआई में उबाल आ गया है। एनएसयूआई ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए भाजपा पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया है और न्यायिक जांच की मांग की। एनएसयूआई ने चेतावनी दी कि लोकतंत्र से खिलवाड़ बंद नहीं हुआ तो प्रदेशभर में आंदोलन होगा। एनएसयूआई के छात्र नेताओं ने इस प्रशासनिक कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे सत्तापक्ष का एक सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया। उन्होंने कहा कि महज एक अदालती नोटिस को आपराधिक मामला बताकर नामांकन रद्द करना पूरी तरह असंवैधानिक है और यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है।
छात्र नेता शफी खान, अनुराग शुक्ला ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन एक जुझारू, ईमानदार और जननेता हैं। तकनीकी खामियों का बहाना बनाकर उनका नामांकन रद्द करना भाजपा की हताशा और डर को दर्शाता है। भाजपा सरकार विपक्ष की मजबूत आवाज से डर गई है। मीनाक्षी नटराजन की साफ-सुथरी छवि और तय जीत से बौखलाकर प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया गया है।