जबलपुर। कुंडम थाना क्षेत्र में 20 वर्षीय बीएससी सेकंड ईयर की कॉलेज छात्रा को बदनाम करने की नीयत से उसके नाम पर फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर अश्लील पोस्ट अपलोड करने का एक बेहद गंभीर और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इस घटना की जानकारी बीती रात करीब 10:30 बजे पीड़िता के पिता ने उसे दी, जिसके बाद से छात्रा और उसका पूरा परिवार गहरे मानसिक तनाव और सदमे में है। इस पूरे हाईप्रोफाइल साइबर अपराध के मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ कुंडम थाना पुलिस ने तुरंत शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है और साइबर विशेषज्ञों की सहायता से तकनीकी जांच शुरू कर दी है ताकि आरोपी को जल्द पकड़ा जा सके।
सोशल मीडिया पर युवती की तस्वीरें अपलोड कर की गई आपत्तिजनक और अश्लील टिप्पणियां
पीड़िता के परिजनों के अनुसार, जैसे ही छात्रा को उसके पिता ने इंस्टाग्राम पर बनी इस फर्जी प्रोफाइल के बारे में बताया, उसने तुरंत इंटरनेट पर जाकर संबंधित अकाउंट की गहनता से जांच की। फर्जी आईडी को देखकर छात्रा के होश उड़ गए, क्योंकि उस अकाउंट पर न केवल उसकी निजी तस्वीरें अपलोड की गई थीं, बल्कि उनके साथ बेहद आपत्तिजनक और अश्लील टिप्पणियां भी लिखी गई थीं। अज्ञात शरारती तत्व ने पीड़िता की तस्वीरों का गलत इस्तेमाल कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसकी छवि को पूरी तरह धूमिल करने और समाज में उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की एक सोची-समझी साजिश रची है। अचानक इस तरह की घिनौनी हरकत सामने आने के बाद कॉलेज छात्रा गंभीर मानसिक अवसाद में चली गई, जिसके बाद परिवार के सदस्यों ने उसे ढांढस बंधाया और मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस प्रशासन की शरण ली। पीड़िता ने स्वयं थाने पहुंचकर पुलिस अधिकारियों को घटना की पूरी जानकारी दी और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
तकनीकी विशेषज्ञ आईपी एड्रेस और लॉगिन डिटेल्स खंगालने में जुटे
कुंडम थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस प्रशासन अब साइबर सेल के तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से इस फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट को संचालित करने वाले मुख्य आरोपी की पहचान करने की कोशिशों में जुटा है। जांच अधिकारी घटना से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रहे हैं, जिसके तहत संबंधित फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट का आईपी एड्रेस, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और लॉगिन हिस्ट्री से जुड़ी तमाम बारीक डिटेल्स निकाली जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि इन तकनीकी जानकारियों के जरिए बहुत जल्द अज्ञात आरोपी के ठिकाने तक पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा ताकि भविष्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और ऐसे अपराधियों को सबक सिखाया जा सके।
