जबलपुर। जबलपुर में आयोजित गोंड साम्राज्य की वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए। उन्होंने बरहा गांव स्थित समाधि स्थल पर पूजन कर माल्यार्पण किया। इस विशेष अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जबलपुर एयरपोर्ट का नाम अब रानी दुर्गावती के नाम पर रखा जाएगा और राज्य सरकार इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि जबलपुर में रानी दुर्गावती की 52 फीट ऊंची प्रतिमा और 100 करोड़ रुपए की लागत वाले भव्य स्मारक का काम जल्द पूरा होगा, जिसकी आधारशिला 5 अक्टूबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। साथ ही क्षेत्र में रानी दुर्गावती के नाम पर चिड़ियाघर और प्रदेश के सबसे बड़े फ्लाईओवर का नामकरण भी किया गया है।
वीरांगना की स्मृति में बनेंगे भव्य ऐतिहासिक स्मारक
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुगल सेना से अपनी मातृभूमि और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाली रानी दुर्गावती का साहस अद्वितीय है। उनके इसी अप्रतिम बलिदान को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए जबलपुर में बड़े पैमाने पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में देश के प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास किए गए 100 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट को बेहद कम समय में पूरा कर लिया जाएगा। इस ऐतिहासिक परियोजना के तहत 52 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा का निर्माण कार्य अंतिम चरणों में है। सरकार का मुख्य उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को गोंड राजवंश के इस गौरवशाली इतिहास और रानी की वीरता से पूरी तरह परिचित कराना है।
जबलपुर को मिलेंगी कई बड़ी नई सौगातें
राज्य सरकार ने इस अंचल के विकास और महापुरुषों के सम्मान के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करने के लिए ही प्रदेश सरकार की पहली कैबिनेट बैठक इसी पावन भूमि पर आयोजित की गई थी। इसके बाद जबलपुर और संग्रामपुर में भी विशेष कैबिनेट बैठकें बुलाई गईं। मुख्यमंत्री ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में जल्द ही एक आधुनिक चिड़ियाघर का निर्माण किया जाएगा। यह नया जू भी पूरी तरह से रानी दुर्गावती के नाम को समर्पित होगा। इसके अलावा शहर में नवनिर्मित मध्य प्रदेश के सबसे बड़े फ्लाईओवर ब्रिज का नामकरण भी वीरांगना के नाम पर करके जनता को सौंप दिया गया है।
एयरपोर्ट नामकरण के लिए जाएगा नया प्रस्ताव
स्थानीय प्रशासन और जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए हवाई अड्डे के नाम में बदलाव का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि देश और दुनिया से हवाई मार्ग द्वारा यहां पहुंचने वाले यात्रियों को इस पावन भूमि के इतिहास का स्मरण हो सके, इसके लिए हवाई अड्डे का नामकरण बेहद जरूरी है। राज्य शासन इस पूरी प्रक्रिया को नियमानुसार आगे बढ़ाते हुए बहुत जल्द भारत सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय को विधिवत प्रस्ताव भेजने जा रही है। इस निर्णय से न केवल स्थानीय नागरिकों में हर्ष है बल्कि यह गोंडवाना संस्कृति और गौरव को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा और प्रभावी कदम साबित होगा।
