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8वें वेतन आयोग ने डेटा संग्रह की प्रक्रिया शुरू की, 30 जून लास्ट डेट, जानें कौन कर सकता है आवेदन

नई दिल्ली. 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन एवं पेंशन ढांचे में संशोधन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए डेटा संग्रह शुरू कर दिया है. इसके लिए आयोग ने एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और सरकारी संगठनों से जानकारी मांगी जा रही है. आयोग की सिफारिशों का असर देशभर के करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 69 लाख पेंशनभोगियों पर पडऩे वाला है. केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद नई वेतन, भत्तों और पेंशन व्यवस्था लागू की जाएगी.

कौन जमा कर सकता है डेटा?

आयोग के अनुसार, विभिन्न सरकारी संस्थानों और संगठनों से विस्तृत जानकारी मांगी गई है. डेटा जमा करने के लिए अलग-अलग मंत्रालयों, विभागों, संगठनों और कार्यालयों को विशेष लिंक और निर्धारित प्रारूप उपलब्ध कराए गए हैं. इस प्रक्रिया में केंद्रीय सरकारी कर्मचारी, अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारी, रक्षा बलों के कर्मी, केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी, भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा विभाग के अधिकारी, नियामक संस्थाओं के कर्मचारी, सुप्रीम कोर्ट के कर्मचारी, पेंशनभोगी, मान्यता प्राप्त कर्मचारी संघ और सेवा संगठन शामिल हैं.

पोर्टल पर डेटा कैसे जमा करें?

सभी जानकारी केवल 8वें वेतन आयोग के आधिकारिक ऑनलाइन डेटा पोर्टल के माध्यम से ही जमा की जा सकती है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि फिजिकल दस्तावेज, हार्ड कॉपी, अलग से भेजी गई एक्सेल शीट या ईमेल के जरिए भेजी गई जानकारी स्वीकार नहीं की जाएगी. डेटा अपलोड करने के लिए संबंधित उपयोगकर्ताओं को पहले अपनी ईमेल आईडी के माध्यम से पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद कैप्चा सत्यापन पूरा करके आवश्यक जानकारी अपलोड करनी होगी.

30 जून है अंतिम तारीख

ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से डेटा जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया ज्ञापन (रूद्गद्वशह्म्ड्डठ्ठस्रड्ड) और सुझाव जमा करने की प्रक्रिया से अलग है, जो पहले ही समाप्त हो चुकी है.

ज्ञापन और सुझाव भेजने की समय सीमा समाप्त

आयोग ने पहले ज्ञापन और सुझाव भेजने की समय सीमा को दो बार बढ़ाया था. शुरुआत में इसकी अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 थी, जिसे पहले 31 मई और बाद में 15 जून 2026 तक बढ़ाया गया था. आयोग ने दोहराया है कि इस प्रक्रिया में केवल इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजे गए सुझाव ही स्वीकार किए गए थे. फिजिकल कॉपी या अलग से भेजे गए दस्तावेजों पर विचार नहीं किया जाएगा.

क्षेत्रीय परामर्श बैठकें भी होंगी आयोजित

हितधारकों से संवाद के लिए आयोग विभिन्न शहरों में क्षेत्रीय परामर्श बैठकें आयोजित करेगा. 22 और 23 जून को लखनऊ में, 6 और 7 जुलाई को भुवनेश्वर में तथा 9 और 10 जुलाई को कोलकाता में बैठकें आयोजित की जाएंगी. आने वाले महीनों में अन्य शहरों के कार्यक्रमों की भी घोषणा की जा सकती है.

कब लागू हो सकती हैं 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें?

8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था. आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. ऐसे में रिपोर्ट मई 2027 तक सरकार को सौंपी जा सकती है. हालांकि, पिछले वेतन आयोगों के अनुभव को देखते हुए रिपोर्ट जमा होने और सरकार की मंजूरी मिलने के बाद वेतन और पेंशन में संशोधन लागू होने में दो से तीन वर्ष का समय लग सकता है. ऐसे में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को संशोधित वेतन और पेंशन का लाभ वर्ष 2029 या 2030 के आसपास मिल सकता है.

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