जबलपुर। पश्चिम मध्य रेल के जबलपुर, भोपाल एवं कोटा तीनों मंडलों में अन्य कोचिंग एवं संड्री यानि विविध आय से प्राप्त राजस्व में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है। महाप्रबंधक के मार्गदर्शन में एवं प्रमुख मुख्य विभागाध्यक्षों के निर्देशन तथा तीनों मंडलों के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में बेहतर परिचालन एवं ग्राहक-केंद्रित सेवाओं के परिणामस्वरूप पश्चिम मध्य रेल ने मई 2026 में अन्य कोचिंग से 18 करोड़ 17 लाख रूपये एवं संड्री से 26 करोड़ 4 लाख रूपये का ओरिजिनेटिंग राजस्व अर्जित किया।
यह उपलब्धि पिछले वर्ष के इसी माह में अन्य कोचिंग से प्राप्त 17 करोड़ 12 लाख रुपये की तुलना में 6.09 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार संड्री से प्राप्त 22 करोड़ 85 लाख रुपये की तुलना में 13.99 प्रतिशत अधिक है।
मंडलवार प्रदर्शन की बात करें तो मई 2026 में जबलपुर मंडल ने अन्य कोचिंग में 8 करोड़ 31 लाख रूपये एवं संड्री में 18 करोड़ 43 लाख रूपये, भोपाल मंडल ने अन्य कोचिंग में 6 करोड़ 65 लाख रूपये एवं संड्री में 2 करोड़ 3 लाख रूपये तथा कोटा मंडल ने अन्य कोचिंग में 3 करोड़ 20 लाख रूपये एवं संड्री में 5 करोड़ 58 लाख रूपये का ऑरिजिनेटिंग राजस्व अर्जित किया।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम दो माह के दौरान पश्चिम मध्य रेल ने अन्य कोचिंग एवं संड्री आय दो मदों में कुल ?87 करोड़ 46 लाख राजस्व अर्जित किया। इसमें अन्य कोचिंग में 33 करोड़ 48 लाख रूपये एवं संड्री में 53 करोड़ 98 लाख रूपये का ऑरिजिनेटिंग राजस्व अर्जित किया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में प्राप्त अन्य कोचिंग से 31 करोड़ 73 लाख रूपये के राजस्व की तुलना में 5.51 प्रतिशत एवं संड्री से 49 करोड़ 97 लाख रूपये के राजस्व की तुलना में 8.02 प्रतिशत अधिक है।
अन्य कोचिंग एवं संड्री में राजस्व वृद्धि के लिए किये गये प्रयास
- गैर किराया राजस्व (नॉन फेयर रेवेन्यू) में वृद्धि के लिए नवाचारों और नविन अवधारणाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- कैटरिंग, पार्किंग, वन स्टेशन वन प्रोडक्ट, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र एवं एनएफआर सम्बंधित कई अनुबंध किये जा रहे है।
- वाणिज्यिक विज्ञापन, मल्टी परपस स्टॉल, ट्रेनों में विनाइल रैपिंग इत्यादि जैसे अनुबंधों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
- नई अभिनव गैर किराया राजस्व विचार योजना (निनफ्रीस) नीति के तहत नयी-नयी योजनाओं को लागू किया जा रहा है।
