जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह से पिछड़ गई है। पहले विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 4 मई से ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने का दावा किया जा रहा था। इसके लिए काफी समय से तैयारियां भी चल रही थीं, लेकिन जमीनी स्तर पर लापरवाही के चलते 15 मई तक भी प्रवेश पोर्टल नहीं खोला जा सका। इस लेती-लतीफी की वजह से विभिन्न शैक्षणिक विभागों के प्रोफाइल तक समय पर अपडेट नहीं हो पाए। इस स्थिति को देखते हुए अब प्रशासन को पुराना शेड्यूल बदलकर नया टाइम टेबल जारी करना पड़ा है।
कल से शुरू होगा ऑनलाइन पंजीकरण
नए शेड्यूल के मुताबिक विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब 18 मई से प्रवेश के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोलने का नया दावा किया है। प्रवेश लेने के इच्छुक छात्र इस तारीख से अपना पंजीकरण करा सकेंगे। इसके साथ ही सभी शैक्षणिक विभागों को 15 से 17 मई तक हर हाल में अपने प्रोफाइल अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 19 मई से 1 जून तक दस्तावेजों के सत्यापन यानी वेरिफिकेशन का कार्य चलेगा। इसके बाद 3 जून को सीटों का आवंटन किया जाएगा।
3 से 6 जून तक जमा होगी फीस
सीट आवंटन की सूची जारी होने के बाद छात्रों को दाखिला पक्का करने का मौका मिलेगा। जिन विद्यार्थियों को सीटें आवंटित की जाएंगी, वे 3 जून से 6 जून तक अपनी ऑनलाइन एडमिशन फीस जमा कर सकेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि इस नई समय सीमा के भीतर प्रवेश की शुरुआती प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र ज्यादा प्रभावित न हो।
प्रवेश शुल्क पर टिका है वित्तीय ढांचा
विश्वविद्यालय की इस लेती-लतीफी का सीधा असर उसके खजाने पर पड़ सकता है। दरअसल, इस संस्थान का पूरा वार्षिक वित्तीय बजट मुख्य रूप से छात्रों से मिलने वाली प्रवेश फीस पर ही निर्भर करता है। हाल ही में हुई बजट बैठक में भी यह बात सामने आई थी कि भविष्य की तमाम योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में दाखिले जरूरी हैं। इसके बावजूद प्रवेश प्रक्रिया में भारी ढिलाई बरती जा रही है। अगर इस अव्यवस्था के कारण छात्र दूसरे संस्थानों का रुख करते हैं और दाखिलों की संख्या घटती है, तो विश्वविद्यालय की आय में भारी गिरावट आना तय है।
