अदालती आदेश की अनदेखी पर जवाब तलब
जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने एक पूर्व आदेश का पालन नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इस मामले में जबलपुर संभागायुक्त और जबलपुर विकास प्राधिकरण के कार्यपालन अधिकारी को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह पूरा मामला जेडीए के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी देवेंद्र त्रिपाठी से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने कर्मचारी कोटे के तहत कम दर पर भूखंड आवंटित न किए जाने के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शंभूदयाल गुप्ता, कपिल गुप्ता और विजय दुबे ने अदालत में पैरवी की।
भूखंड आवंटन में भेदभाव का आरोप
मामले के अनुसार जेडीए से स्टेनो के पद से सेवानिवृत्त हुए देवेंद्र त्रिपाठी ने अपने सेवाकाल के दौरान 10 दिसंबर 2010 को कर्मचारी कोटे के तहत भूखंड आवंटन के लिए आवेदन किया था। विज्ञापन की सभी शर्तों को पूरा करने के बावजूद जेडीए ने उन्हें भूखंड न देकर अन्य लोगों को अपेक्षाकृत कम दरों पर जमीन का आवंटन कर दिया। इस भेदभावपूर्ण रवैये के खिलाफ उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी। हाई कोर्ट ने दिसंबर 2025 में इस याचिका का निपटारा करते हुए जेडीए को 6 सप्ताह के भीतर शिकायत का समाधान करने के निर्देश दिए थे। तय समय सीमा में इस आदेश का पालन न होने पर अब यह अवमानना याचिका दायर की गई है।
