जबलपुर। कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों पर लगाम कसने के लिए एक बड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देशन पर पूरे जिले में अचानक कॉम्बिंग गश्त चलाई गई। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों को पकड़ना और पेंडिंग वारंटों की तामीली कराना था। यह पूरी कार्रवाई 16 मई की रात 9 बजे से रात 2 बजे तक लगातार चली। इस दौरान पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शहर और ग्रामीण इलाकों में एक साथ कई जगहों पर छापेमारी की। रातभर चली इस कार्रवाई में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। टीमों ने कई सालों से छिपे बैठे 106 गैर म्यादी वारंटियों और 55 गिरफ्तारी वारंटियों को दबोच लिया। इसके अलावा 44 जमानती वारंट भी तामील कराए गए। इन सभी आरोपियों को पकड़कर अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गश्त के दौरान पुलिस ने गुंडे-बदमाशों के रिकॉर्ड खंगाले और देर रात घूमने वाले संदिग्धों से पूछताछ की। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मुसाफिरखानों में चेकिंग करने के साथ ही वाहनों की भी सघन तलाशी ली गई।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में थानों की टीमों ने दी दबिश
इस बड़े अभियान की कमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-2 पल्लवी शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सूर्यकांत शर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात अंजना तिवारी ने संभाली। इनके साथ सभी नगर पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक और एस.डी.ओ.पी. भी मैदान में मौजूद रहे। फील्ड पर कार्रवाई के लिए थाना प्रभारियों, उप निरीक्षकों और सहायक उप निरीक्षकों के नेतृत्व में पुलिस बल की कई टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों ने चिन्हित ठिकानों पर घेराबंदी करके दबिश दी।
