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जबलपुर:बहुचर्चित देह व्यापार कांड:भाजपा नेता के फैमिली मेम्बर्स पर भी एफआईआर,गिरफ्तारी की तैयारी



जबलपुर के हाई प्रोफाइल देह व्यापार कांड में नया मोड़, पूर्व भाजपा नेता के परिजनों पर केस दर्ज

जबलपुर। गढ़ा क्षेत्र से जुड़े चर्चित देह व्यापार और दुष्कर्म के मामले में अब पीड़िता को डराने-धमकाने का एक नया प्रकरण प्रकाश में आया है। इस मामले में पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष अतुल चौरसिया के परिजनों और उनके करीबियों के विरुद्ध ओमती थाने में प्राथमिकी दर्ज की है। पीड़िता ने सुरक्षा की गुहार लगाते हुए आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपियों को बचाने के लिए उस पर बयान बदलने का निरंतर दबाव बनाया जा रहा है।

बंधक बनाकर देह व्यापार में धकेलने का गंभीर आरोप

​इस विवाद की जड़ें 1 जून 2025 को दर्ज हुई उस शिकायत से जुड़ी हैं, जिसमें पीड़िता ने अतुल चौरसिया और उसके साथी शीतल दुबे उर्फ मथुरा पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाए थे। पीड़िता के अनुसार उसे नौकरी दिलाने का झांसा देकर गढ़ा बाजार स्थित एक होटल में बुलाया गया था। वहां उसे बंधक बनाकर उसके साथ अनाचार किया गया और बाद में डरा-धमकाकर उसे अनैतिक देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया गया। इस मामले में पुलिस ने पूर्व में ही संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की थी, जिसके बाद से आरोपी पक्ष पीड़िता पर समझौता करने के लिए अनुचित दबाव बना रहा है।

परिजनों और सहयोगियों द्वारा दी गई जान से मारने की धमकी

​ताजा शिकायत के अनुसार नवंबर 2025 से ही पीड़िता को प्रताड़ित करने का सिलसिला शुरू हो गया था। आरोपी अतुल चौरसिया की मां केशर बाई ने पीड़िता को फोन कर मामले को रफा-दफा करने और समझौता करने के लिए कहा था। जब पीड़िता ने न्याय की मांग पर अडिग रहते हुए समझौता करने से स्पष्ट इनकार कर दिया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। इसके पश्चात आरोपी के करीबी पप्पू यादव ने भी पीड़िता को फोन कर एफआईआर वापस लेने के लिए मजबूर किया और ऐसा न करने पर उसकी हत्या करने की धमकी दी।

न्यायालय परिसर में घेराबंदी कर डराने का प्रयास

​पीड़िता ने अपनी शिकायत में इस बात का भी उल्लेख किया है कि उसे न केवल फोन पर बल्कि सार्वजनिक स्थानों पर भी निशाना बनाया जा रहा है। विशेष रूप से 28 मार्च, 30 मार्च और 6 अप्रैल को जब वह अदालती कार्यवाही के लिए न्यायालय पहुंची, तब वहां भी उसे आरोपियों के पक्षकारों ने घेर लिया। कोर्ट परिसर के भीतर और बाहर उसे रोककर डराने का प्रयास किया गया ताकि वह न्यायाधीश के समक्ष अपने बयान बदल दे। इस निरंतर मानसिक और शारीरिक दबाव के कारण पीड़िता ने स्वयं की जान को खतरा बताते हुए पुलिस प्रशासन से सख्त सुरक्षा घेरे की मांग की है।

पुलिस ने शुरू की जांच और आरोपियों की तलाश

​लगातार मिल रही धमकियों और असुरक्षा के वातावरण से तंग आकर पीड़िता ने ओमती थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केशर बाई और पप्पू यादव सहित अन्य संबंधितों के खिलाफ नया मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि कॉल रिकॉर्ड्स और न्यायालय के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर साक्ष्यों को एकत्रित किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने वाले और पीड़िता को भयभीत करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पुलिस की टीमें आरोपियों की धरपकड़ के लिए सक्रिय हो गई हैं।

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