जानकारी के अनुसार रामानंद पटेल आज सुबह करीब 8 बजे केन्द्री जेल ड्यूटी पर पहुंचे। दोपहर 12 बजे तक ड्यूटी की, इसके बाद वे जेल परिसर में ही गोशाला पहुंचे। जहां उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कुछ देर बाद जेल कर्मियों ने गौशाला में रामानंद को फांसी के फंदे पर लटकते देखा तो स्तब्ध रह गए। देखते ही देखते यह खबर जेल में आग की तरह फैल गई, अधिकारी से लेकर कर्मचारी एकत्र हो गए। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल पहुंचाकर मर्ग कायम कर लिया। वहीं मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि रामानंद पटेल को लगातार प्रताडि़त किया जा रहा था। जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना के बाद सुसाइड नोट को छिपाने की कोशिश की जा रही है। परिजन वरुण पटेल ने चेतावनी दी है कि यदि सुसाइड नोट उन्हें वापस नहीं किया गयाए तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे। वहीं जेल अधीक्षक एसके उपाध्याय ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि सुसाइड नोट सहित सभी पहलुओं की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।