मेडिकल कॉलेज प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की राह पर कर्मचारी
जबलपुर । नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत वितरित की जाने वाली प्रोत्साहन राशि को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ ने डीन नवनीत सक्सेना को सौंपे ज्ञापन में कॉलेज प्रबंधन पर इस प्रक्रिया में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार प्रशासन ने उन व्यक्तियों और आउटसोर्स कर्मचारियों को भुगतान कर दिया है जिनका मरीजों के उपचार या सेवा कार्य से कोई सीधा जुड़ाव नहीं है। हॉस्टल और अन्य असंबंधित विभागों में कार्यरत अपात्र लोगों के खातों में भी राशि अंतरित किए जाने की बात सामने आई है।
दूसरी ओर अस्पताल के वार्डों में 24 घंटे मरीजों की देखभाल में जुटे चतुर्थ श्रेणी के शासकीय कर्मचारियों को इस लाभ से वंचित रखा गया है। संघ ने इसे भ्रष्टाचार की श्रेणी में रखते हुए स्पष्ट किया है कि यह शासन के निर्देशों का उल्लंघन है और केवल कुछ चहेते लोगों व निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। कर्मचारियों ने मांग की है कि अपात्रों को किए जा रहे भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और पात्र कर्मियों को उनके अधिकार की राशि प्रदान की जाए। यदि प्रशासन ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और निष्पक्ष जांच नहीं कराई, तो कर्मचारी संघ ने परिसर में उग्र प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। इसकी समस्त जवाबदेही संस्थान के अधिकारियों की होगी।
