पूर्व कलेक्टर के नाम से फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाकर ठगी की कोशिश
जबलपुर। साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और गंभीर तरीका अपनाया है। शातिर ठगों ने मध्य प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और जबलपुर के पूर्व कलेक्टर कर्मवीर शर्मा की पहचान का इस्तेमाल कर फेसबुक पर एक फर्जी आईडी तैयार की। वर्तमान में राज्य के खाद्य विभाग में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर कार्यरत श्री शर्मा की छवि एक बेहद लोकप्रिय और सक्रिय अधिकारी की रही है। इसी लोकप्रियता को ढाल बनाकर साइबर ठगों ने आम नागरिकों और उनके पुराने परिचितों को अपना निशाना बनाने की बड़ी साजिश रची।
फ्रेंडशिप रिक्वेस्ट और मोबाइल नंबर की मांग
जैसे ही सोशल मीडिया पर कर्मवीर शर्मा के नाम की यह फर्जी प्रोफाइल सक्रिय हुई, बड़ी संख्या में लोगों ने इसे असली मानकर फ्रेंडशिप रिक्वेस्ट भेजना शुरू कर दिया। ठग ने बेहद चालाकी से इन रिक्वेस्ट्स को स्वीकार किया और कुछ ही मिनटों के भीतर मैसेंजर पर लोगों से संपर्क साधना शुरू कर दिया। शुरुआती बातचीत में ठगों ने लोगों से उनके व्यक्तिगत मोबाइल नंबर मांगे। संपर्क टूटने का बहाना बनाकर मांगे गए इन नंबरों को कई लोगों ने बिना किसी संदेह के साझा कर दिया, क्योंकि उन्हें लगा कि पूर्व कलेक्टर उनसे दोबारा जुड़ना चाहते हैं।
घर बेचने के संदेशों से खुला राज
मोबाइल नंबर हासिल करने के बाद ठगों ने अपने असली इरादे जाहिर करना शुरू किए। मैसेंजर पर अचानक ऐसे संदेश भेजे जाने लगे जिनमें घर बेचने और अन्य सामान की खरीद-फरोख्त की बात की गई थी। एक प्रतिष्ठित आईएएस अधिकारी की ओर से इस तरह के व्यावसायिक और अजीबोगरीब संदेश मिलने पर लोगों को संदेह हुआ। जब कई लोगों को एक जैसे संदेश प्राप्त हुए, तो उन्होंने आपस में जानकारी साझा की। जांच करने पर पता चला कि अधिकारी ने ऐसी कोई आईडी नहीं बनाई है। पहचान उजागर होते ही लोगों ने सक्रियता दिखाई और फर्जी आईडी को रिपोर्ट करना शुरू कर दिया। साइबर ठगों की यह कोशिश किसी बड़ी आर्थिक चपत लगाने के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन नागरिकों की सतर्कता ने इसे नाकाम कर दिया। लोगों ने तुरंत फर्जी प्रोफाइल को ब्लॉक किया और दूसरों को भी इसके बारे में आगाह किया।
