जबलपुर। आयोजित अखिल भारतीय दशा नेमा समाज की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान समाज की विभिन्न विशिष्ट प्रतिभाओं को समाज गौरव अलंकरण से विभूषित किया गया। इस गरिमामयी समारोह में अंतरराष्ट्रीय नेमा साहित्य मंच के संस्थापक संतोष नेमा संतोष और संयोजक विजय नेमा अनुज को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि परिवहन एवं शालेय शिक्षा मंत्री उदयप्रताप सिंह ने दोनों साहित्यकारों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न भेंट कर उनके योगदान की सराहना की।
साहित्यिक योगदान और सामाजिक सरोकार का सम्मान
संतोष नेमा और विजय नेमा को यह सम्मान उनके द्वारा साहित्य के क्षेत्र में निरंतर किए जा रहे कार्यों और समाज के प्रति उनके सेवा भाव के लिए दिया गया है। विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय नेमा साहित्य मंच के माध्यम से साहित्यिक चेतना जागृत करने के साथ-साथ उनके द्वारा चलाई गई एक अनूठी मुहिम को भी सराहा गया। इन दोनों विभूतियों ने समाज के 90 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके बुजुर्गों के निवास पर जाकर उनका व्यक्तिगत रूप से सम्मान करने का बीड़ा उठाया है। इसी सेवा और समर्पण को देखते हुए राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें यह गौरव प्राप्त हुआ।
सामाजिक गरिमा और गणमान्य जनों की उपस्थिति
इस भव्य आयोजन के दौरान समाज के अनेक प्रतिष्ठित व्यक्ति उपस्थित रहे जिन्होंने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। समारोह में डॉ. पी नेमा, डॉ. अखिलेश गुमास्ता, राकेश, आनंद, शिशिर, राजेंद्र, प्रवीण, डॉ. गोविंद, कैलाश, हरिनारायण, प्रभुनारायण और दिनेश नेमा सहित बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु मौजूद थे। साहित्यकारों के इस सम्मान पर अंतरराष्ट्रीय नेमा साहित्य मंच के सदस्यों ने खुशी जाहिर की है। प्रसन्नता व्यक्त करने वालों में अंकिता नेमा, अभिषेक नेमा, अनिल नेमा, अजय नेमा, रामशंकर नेमा, संदीप, राकेश, अर्पित, अंकित और दीपक नेमा शामिल हैं। सभी ने इस उपलब्धि को समाज के लिए गौरव का विषय बताया है।
