नई दिल्ली. विमान ईंधन (एटीएफ) की वैश्विक कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि के चलते एयर इंडिया ने अपने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर फ्यूल सरचार्ज (ईंधन अधिभार) में संशोधन की घोषणा की है. एयरलाइन के अनुसार, नई दरें बुधवार, 8 अप्रैल से प्रभावी होंगी. इस कदम के बाद यात्रियों को अब अपनी हवाई टिकटों के लिए पहले से अधिक जेब ढीली करनी होगी.
घरेलू रूट पर दूरी के आधार पर शुल्क
एयर इंडिया ने घरेलू उड़ानों के लिए फ्लैट सरचार्ज की व्यवस्था को खत्म कर अब दूरी-आधारित ढांचा अपनाने का फैसला किया है. अब यात्रियों को सफर की दूरी के हिसाब से भुगतान करना होगा.
500 किमी तक की उड़ान: 299 रुपये सरचार्ज.
2,000 किमी से अधिक की दूरी: 899 रुपये तक का सरचार्ज.
सरकार द्वारा घरेलू विमान ईंधन की कीमतों में वृद्धि की सीमा 25 प्रतिशत पर सीमित रखने के फैसले के बावजूद, एयरलाइन ने लागत के बोझ को कम करने के लिए यह बदलाव किया है.
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी भारी असर
अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर एटीएफ कीमतों के लिए कोई सरकारी नियंत्रण न होने के कारण एयर इंडिया ने इन रूटों पर अधिक सख्त संशोधन लागू किए हैं. अंतरराष्ट्रीय सरचार्ज क्षेत्र के आधार पर तय किए गए हैं.
आसमान छूती ईंधन की कीमतें और चुनौतियां
इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) के आंकड़ों का हवाला देते हुए एयर इंडिया ने बताया कि मार्च के अंत तक वैश्विक जेट ईंधन की कीमतें 195.19 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं. फरवरी के अंत में यह कीमतें 99.40 डॉलर थी, जिसका मतलब है कि कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं. कच्चे तेल की कीमतों और रिफाइनिंग मार्जिन में वृद्धि ने एयरलाइंस के लिए एक चुनौतीपूर्ण माहौल पैदा कर दिया है.
पहले से बुक टिकटों पर वृद्धि का असर नहीं
एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि जिन यात्रियों ने 8 अप्रैल से पहले टिकट बुक कर ली हैं, उन पर नया सरचार्ज लागू नहीं होगा. हालांकि, अगर यात्री अपनी यात्रा योजना में बदलाव करते हैं और टिकट दोबारा जारी की जाती है, तो नई दरों के आधार पर किराए की गणना की जाएगी. एयर इंडिया का कहना है कि इस संशोधन के बावजूद, वह बढ़ी हुई लागत का एक बड़ा हिस्सा खुद वहन कर रही है और यात्रियों पर सारा बोझ नहीं डाला गया है. इससे पहले इंडिगो जैसी अन्य एयरलाइंस भी बढ़ती लागत के कारण ईंधन शुल्क में बढ़ोतरी कर चुकी हैं.
