प्लांट में निर्मित पेवर ब्लॉक का हो रहा है अधोसंरचना में बेहतर उपयोग, आप जनमानस के लिए भी है उपलब्ध
जबलपुर। स्वच्छ सर्वेक्षण की कसौटी पर खरा उतरने के लिए नगर निगम ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। इसी कड़ी में निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट और सीएनडी प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होंने प्लांट की कार्यप्रणाली और वहां तक पहुँचने वाले मार्गों सहित सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त पाया।निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि शहर की स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के लिए निगम पूरी तरह से चाक-चौबंद है।
कचरे से कंचन आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
निरीक्षण के दौरान दो प्रमुख केंद्रों पर विशेष ध्यान दिया गया वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट कचरे से बिजली बनाने की प्रक्रिया और प्लांट की क्षमता का जायजा लिया गया। प्लांट तक पहुँचने वाले मार्गों का सुदृढ़ीकरण किया जा चुका है ताकि कचरा परिवहन में कोई बाधा न आए।सीएनडी वेस्ट प्लांट यह प्लांट 'वेस्ट-टू-वेल्थ' का बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहा है। यहाँ मलबे से पेवर ब्लॉक तैयार किए जा रहे हैं।
सस्ते दामों पर पेवर ब्लॉक
सीएनडी प्लांट की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि यहाँ निर्मित पेवर ब्लॉक्स का उपयोग न केवल नगर निगम के बुनियादी ढांचों में किया जा रहा है, बल्कि ये आम नागरिकों के लिए भी बेहद सस्ती दरों पर उपलब्ध हैं। इससे न केवल मलबे का निपटान हो रहा है, बल्कि शहरवासियों को किफायती निर्माण सामग्री भी मिल रही है। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त के साथ विशेषज्ञों और अधिकारियों की पूरी टीम मौजूद रही, जिसमें शामिल थे अपर आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान, अशफाक परवेज कुरैशी, उपायुक्त संभव अयाची, स्वास्थ्य अधिकारी अंकिता बर्मन, अतिक्रमण अधिकारी मनीष तड़से,सहायक नोडल अधिकारी अभिनव मिश्रा, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी अर्जुन यादव, पोला राव, अनिल बारी, धर्मेंद्र राज आदि ।
