
कटनी. एमपी के कटनी जिले के कचनारी गांव में रविवार 5 अप्रैल को पशुपालक की 61 बकरियों की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई। महज दो घंटे के भीतर पूरा झुंड खत्म होने से इलाके में हड़कंप मच गया है और पीडि़त परिवार दाने-दाने को मोहताज हो गया है।
मझगांव के रहने वाले 42 वर्षीय दरबारी लाल यादव (तन्नूलाल) लंबे समय से बकरी पालन कर अपने परिवार का पेट पाल रहे थे। दरबारी लाल ने बताया कि रोज की तरह उनकी बकरियां चरने गई थीं, तभी एक बाहरी बकरी उनके झुंड में शामिल हो गई। जब बकरियां घर नहीं लौटीं, तो वे उन्हें ढूंढते हुए खेत पहुंचे, जहां छोटे बच्चों समेत सभी 61 बकरियां मृत अवस्था में मिलीं।
संक्रामक बीमारी या साजिश
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे पशु डॉक्टर ने शुरुआती जांच में किसी घातक संक्रामक बीमारी की आशंका जताई है। डॉक्टर्स का मानना है कि बाहरी बकरी के आने से संक्रमण तेजी से फैला होगा। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में अचानक हुई मौतों को लेकर ग्रामीण जहर दिए जाने की आशंका भी जता रहे हैं।
आर्थिक तंगी के कगार पर किसान
इस भारी नुकसान से टूट चुके किसान दरबारी लाल ने सिलौंडी पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि बकरियां ही मेरी कमाई का इकलौता जरिया थीं। इस घटना ने मुझे सड़क पर ला खड़ा किया है। मैं प्रशासन से अपील करता हूं कि इसकी निष्पक्ष जांच हो और मुझे मुआवजा दिया जाए ताकि मैं अपने परिवार का पेट पाल सकूं।
तत्काल सहायता की मांग
ग्रामीणों ने भी जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र के अन्य मवेशियों को बचाने के लिए तुरंत डॉक्टरों की टीम भेजी जाए। साथ ही, पीडि़त किसान को तत्काल आर्थिक सहायता देने की पुरजोर मांग उठाई गई है, ताकि उसे इस बड़े संकट से उबारा जा सके।