जबलपुर । स्वास्थ्य विभाग के भीतर लंबे समय से जारी भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी संजय मिश्रा के निलंबन ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। इस निर्णय का स्वागत करते हुए समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मालवीय चौक पर एकत्रित होकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। पार्टी के पदाधिकारियों ने इस कार्रवाई को जनता की जीत बताते हुए मिठाई बांटी और स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त अनियमितताओं के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान निलंबित अधिकारी के प्रति आक्रोश प्रकट करते हुए उनके पोस्टर भी जलाए।
भ्रष्टाचार के विरुद्ध शिकायत और जांच की प्रक्रिया
समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिले के स्वास्थ्य विभाग में बीते 2 वर्षों से भ्रष्टाचार और सिंडिकेट का प्रभाव बना हुआ था। उनके अनुसार विभाग में संसाधनों के दुरुपयोग और आर्थिक अनियमितताओं के खेल को लेकर पार्टी निरंतर मुखर रही है। इस संबंध में साक्ष्यों के साथ लोकायुक्त और मानवाधिकार आयोग में भी शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। संगठन का दावा है कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता के अभाव के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, जिसे लेकर जमीनी स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे थे।
सपा ने की कानूनी कार्रवाई की मांग
निलंबन की कार्रवाई के बाद संगठन ने जिला प्रशासन और कलेक्टर की त्वरित भूमिका की सराहना की है। समाजवादी पार्टी की मांग है कि केवल निलंबन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि इस पूरे मामले की गहन विभागीय जांच होनी चाहिए। दोषी पाए जाने वाले अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जानी चाहिए। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य विभाग में सुधार होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा और भविष्य में भी किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने उपस्थित रहकर व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता पर बल दिया।
