वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ के प्रयासों से रेलवे रनिंग स्टाफ के किलोमीटर भत्ते में 25 प्रतिशत की वृद्धि
जबलपुर। रेलवे के रनिंग स्टाफ और ट्रेन मैनेजर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ और एनएफआईआर के निरंतर प्रयासों के बाद उनके किलोमीटर भत्ते में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो गया है। संगठन के प्रवक्ता सतीश कुमार ने विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि सातवें वेतन आयोग के प्रावधानों के अनुसार जब महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर जाता है, तब किलोमीटर भत्ते सहित अन्य सभी भत्तों में 25 प्रतिशत की वृद्धि स्वतः प्रभावी होनी चाहिए। रेलवे बोर्ड ने पूर्व में अन्य भत्तों को बढ़ाने के आदेश तो जारी कर दिए थे, लेकिन किलोमीटर भत्ते का निर्णय काफी समय से लंबित चल रहा था जिसे अब संघ ने सुलझा लिया है।
मंत्रालय स्तर पर हुई प्रभावी पैरवी
इस गंभीर समस्या के त्वरित समाधान हेतु संघ के महामंत्री अशोक शर्मा ने नई दिल्ली स्थित एनएफआईआर कार्यालय पहुंचकर डॉक्टर एम राघवैय्या से विस्तृत चर्चा की। इसके पश्चात दोनों वरिष्ठ नेताओं ने रेलमंत्री और वित्त मंत्रालय के व्यय सचिव से व्यक्तिगत मुलाकात कर इस विसंगति को दूर करने का आग्रह किया। अधिकारियों ने कर्मचारी हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया है और अगले 1 से 2 दिन के भीतर इसके औपचारिक आदेश जारी होने की पूरी संभावना है। अशोक शर्मा के अनुसार संगठन रेल कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण के लिए पूरी तरह से संकल्पित है।
जनवरी 2024 से लागू होगा नया लाभ
किलोमीटर भत्ते में की गई यह वृद्धि 01.01.2024 की पिछली तिथि से प्रभावी मानी जाएगी। इस निर्णय के फलस्वरूप प्रत्येक रनिंग स्टाफ और ट्रेन मैनेजर को 50 हजार से लेकर 2 लाख तक की बकाया एरियर राशि का भुगतान किया जाएगा। भत्ते में यह सुधार कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को मजबूती प्रदान करेगा। इसे मजदूर आंदोलन की एक ऐतिहासिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते की सीमा पार होने के कारण लागू हो रही यह दर वृद्धि रेलवे के परिचालन विभाग में कार्यरत हजारों लोको पायलट और गार्ड्स के लिए बड़ी राहत लेकर आई है।
संगठन के पदाधिकारियों ने व्यक्त किया आभार
इस महत्वपूर्ण सफलता पर अध्यक्ष सी.एम. उपाध्याय सहित संघ के अनेक पदाधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। हर्ष जताने वाले प्रमुख नामों में मंडल सचिव डी.पी. अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष एस.एन. शुक्ला, संयुक्त महामंत्री संदीप श्रोती, सतीश कुमार, हर्ष वर्मा, सविता त्रिपाठी, आर.ए. सिंह, संतोष त्रिवेदी, रोशन यादव, ए.के. सिंह, योगेन्द्र कुमार, भूपत सिंह, संजय चौधरी, सुधीर कुमार, दीपक केसरी, बॉबी धोलपुरे, तरुण बत्रा, दुर्गा तिवारी, श्याम कला श्रीवास्तव, डॉली सक्सेना, सरला और शरद कुमार शामिल हैं। इन सभी नेताओं ने एकजुट होकर इस उपलब्धि को एनएफआईआर और डब्लूसीआरएमएस की साझा शक्ति का परिणाम बताया है।
