सुप्रीम कोर्ट में मुकेश मल्होत्रा का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने दलीलें पेश कीं, जिसके बाद अदालत ने मल्होत्रा को राहत दी। जस्टिस जेबी पारदीवाला व जस्टिस केवी विश्वनाथन की डबल बेंच ने मुकेश मल्होत्रा को विधायक के रूप में जारी रखने की अनुमति तो दी है, लेकिन अंतिम फैसला आने तक ये पाबंदियां भी लगाई हैं। जिसमें मुकेश मल्होत्रा फिलहाल राज्यसभा के लिए मतदान नहीं कर सकेंगे। इसी तरह जब तक कोर्ट इस मामले में अपना अंतिम निर्णय नहीं सुना देता, तब तक उन्हें विधायक के रूप में मिलने वाला वेतन और भत्ते नहीं दिए जाएंगे। वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा ने बताया कि अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।
जनता की लड़ाई लड़ता रहूंगा-
सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद विधायक मुकेश मल्होत्रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो सम्मानजनक फैसला दिया है उससे मैं संतुष्ट हूं। ये विजयपुर की जनता के एक-एक मत की जीत है। पूर्व मंत्री रामनिवास रावत आरोप लगा रहे थे कि मैंने केस छिपाए हैं। मैंने कोई केस नहीं छिपाए। हालांकिए उनके वकीलों ने मेरे अधिकार शिथिल करा दिए हैं। हमें क्षेत्र के विकास के लिए जो विधायक निधि मिलती है, वो पैसा हमें नहीं मिलेगा। मुझे वेतन भी नहीं मिलेगा, लेकिन फर्क नहीं पड़ता। मैं जनता और क्षेत्र के विकास के लिए संघर्ष करता रहूंगा। सदन में भी प्रश्न उठाता रहूंगा।
मुकेश और रामनिवास दोनों ने बदली थी पार्टी-
पूर्व राज्यमंत्री और आदिवासी नेता मुकेश मल्होत्रा ने 2 मई 2024 को कांग्रेस जॉइन की थी। उन्होंने मुरैना जिले में आयोजित प्रियंका गांधी की चुनावी सभा में सदस्यता ली। विधानसभा चुनाव-2023 में मुकेश मल्होत्रा विजयपुर सीट से निर्दलीय मैदान में उतरे थे, तब पूरे क्षेत्र के आदिवासियों ने उनका साथ दिया था। उन्हें 45 हजार वोट मिले थे।